
Rajasthan Border News: भारत.पाकिस्तान सीमा पर एक बार फिर तनाव चरम पर है। गुरुवार रात राजस्थान के सीमावर्ती जिलों में जिस तरह से हालात बने, उसने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया। जैसलमेर में हुए ड्रोन.मिसाइल हमले की कोशिश के बाद पूरे बाड़मेर जिले में ब्लैकआउट कर दिया गया। बाडमेर में रेड अलर्ट जारी कर दिया गया है। इलाकों में बंकर निर्माण शुरू कर दिया गया है। इसके अलावा स्कूलों के बाद अब आगामी आदेशों तक कॉलेज भी बंद कर दिए गए हैं। परीक्षाएं टल गई हैं। केंद्र की एजेंसियों के अलावा राजस्थान पुलिस और राजस्थान सरकार की एजेंसिया नजर बनाए हुए हैं। हर गतिविधी पर खुद सीएम नजर रख रहे हैं। अधिकतर बॉर्डर इलाकों में पूरी रात का ब्लेकआउट रखा गया है। जनता का भरपूर सहयोग मिल रहा है।
भारत.पाकिस्तान सीमा पर बढ़ते तनाव का असर जोधपुर पर भी साफ नजर आने लगा है। गुरुवार रात से जोधपुर शहर हाई अलर्ट पर रहा और रात 9.30 बजे से सुबह 4 बजे तक पूरे शहर में ब्लैकआउट लागू किया गया। प्रशासन ने आमजन से अपील की थी कि वे अपने घरों की लाइटें पूरी तरह बंद रखें ताकि किसी भी आपात स्थिति में दुश्मन को लोकेशन ट्रेस करने का मौका न मिले। इस दौरान जोधपुर पुलिस की गाड़ियां शहर में लगातार गश्त करती रहीं। जहां भी लाइटें जली हुई मिलीं, उन्हें तत्काल बंद करवाया गया। शहर के प्रमुख इलाकों में लोगों ने स्वेच्छा से लाइटें बंद कर प्रशासन का सहयोग किया।
हाई अलर्ट को देखते हुए जय नारायण व्यास यूनिवर्सिटी ;और मौलाना आजाद यूनिवर्सिटी की सभी परीक्षाएं आगामी आदेश तक स्थगित कर दी गई हैं। प्रशासन ने स्वास्थ्य सेवाओं को भी अलर्ट पर रखा है। अस्पतालों में दवाओं, जनरेटर, एंबुलेंस और मेडिकल स्टाफ की पूरी व्यवस्था की जा रही है। सभी सरकारी कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं।
जोधपुर एयरपोर्ट को भी बंद कर दिया गया है ।
बीकानेर जिले में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। जिला प्रशासन ने बॉर्डर से सटे करीब 20 किलोमीटर के दायरे में आने वाले गावों में अलर्ट है। सेना और प्रशासन ने इन क्षेत्रों में सुरक्षा बलों की तैनाती तेज कर दी है। खाजूवाला और बज्जू जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में आरएसी की कंपनियां तैनात की गई हैं। बीकानेर शहर में रात के समय ब्लैकआउट लागू किया गया। नाल एयरबेस के आसपास विशेष निगरानी रखी जा रही है। जिला प्रशासन ने आतिशबाजी और ड्रोन उड़ाने पर पूरी तरह रोक लगा दी है। ड्रोन उड़ाने पर प्रतिबंध आदेश कोटा तक भी लागू कर दिया गया है। हाई अलर्ट को देखते हुए स्कूल, कॉलेज और कोचिंग संस्थानों को आगामी आदेश तक बंद कर दिया गया है। प्रशासन ने मेडिकल सेवाओं को अलर्ट मोड पर रखते हुए डॉक्टरों, एंबुलेंस और अस्पताल स्टाफ को तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। सभी सरकारी कर्मचारियों की छुट्टियां भी रद्द कर दी गई हैं।
भारत.पाक सीमा से सटे श्रीगंगानगर जिले में गुरुवार रात को 8 बजे से 1 बजे तक ब्लैकआउट रहा। प्रशासन ने सुरक्षा को देखते हुए आतिशबाजी और ड्रोन उड़ाने पर पूर्ण पाबंदी लगा दी है। सीमा सुरक्षा को लेकर जिले में सख्ती बढ़ा दी गई है। सभी कॉलेज और कोचिंग संस्थानों को आगामी आदेश तक बंद कर दिया गया है। बाजारों को समय से पहले बंद कराया गया और पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई। राज्य सरकार ने जिले में रिक्त पदों पर तत्काल प्रभाव से अधिकारियों की तैनाती की है। जिनमें घड़साना, अनूपगढ़, गजसिंहपुर जैसे सीमावर्ती क्षेत्र शामिल हैं।
बाड़मेर जिले में भारत.पाकिस्तान सीमा पर बढ़ते तनाव के चलते गुरुवार रात को रेड अलर्ट जारी किया गया। रातभर सायरनों की गूंज के बीच प्रशासन ने सीमावर्ती गांवों को खाली कराने की कार्रवाई तेज कर दी।रात 9 बजे से ब्लैकआउट लागू किया गया, जो सुबह 4 बजे तक चला। शहर में अंधेरा पसरा रहा और लोगों को लाइटें बंद रखने की अपील की गई। जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने सुरक्षा को लेकर सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। रेड अलर्ट के दौरान सभी स्कूल.कॉलेज बंद रखे गए। मेडिकल संसाधनों को स्टैंडबाय पर रखा गया और पैरा मेडिकल स्टाफ की छुट्टियां रद्द की गईं। डॉक्टरों और नर्सिंग कर्मियों को 24 घंटे सेवा में रहने का आदेश मिला। जिले में नई आरएसी कंपनियों की तैनाती और बंकर निर्माण की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
पाकिस्तान सीमा से सटे जैसलमेर जिले में तनावपूर्ण हालात को देखते हुए प्रशासन ने हाई अलर्ट घोषित कर दिया है। हाल ही में हुए ड्रोन हमले के बाद जिला प्रशासन ने ब्लैकआउट की अवधि को बढ़ाकर रात 9 बजे से सुबह 6 बजे तक कर दिया है। स्कूलों को आगामी आदेश तक बंद कर दिया गया है। तनोट माता के मंदिर को बंद कर दिया गया है। फौजियों के अलावा वहां कोई नहीं जा सकता। साथ ही बॉर्डर इलाके में टूरिस्ट स्पॉट पर भी किसी को नहीं जाने दिया जा रहा है। ड्रोन गतिविधियों पर नजर रखने के लिए वॉच टावर और बंकरों की संख्या भी बढ़ाई जा रही है।
तनाव के बीच पाली जिले में भी हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। जिला कलेक्टर एलएन मंत्री के निर्देश पर गुरुवार रात पौने 11 बजे से सुबह 4 बजे तक शहर और रोहट क्षेत्र में पूर्ण ब्लैकआउट रखा गया। इस दौरान लोगों को घरों की लाइटें बंद रखने की अपील की गई। शहर की गलियों में पुलिस की पेट्रोलिंग गाड़ियां घूमती रहीं, जहां भी लाइट जलती नजर आई, वहां बंद करवाई गई। खास बात यह रही कि शहर के अधिकतर मोहल्लों में लोगों ने स्वेच्छा से लाइटें बंद कर प्रशासन का सहयोग किया। कई मस्जिदों से सायरन बजाकर लोगों को सतर्क किया गया और अंधेरे में रहने का संदेश दिया गया।