इटेलियन और मेडिटेरेनियन कुजीन में इसका काफी ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है।
ऑरिगेनो यूरोप से जुड़ा एक मसाला है जिसकी अपनी ही एक खुशबू होती है। इटेलियन और मेडिटेरेनियन कुजीन में इसका काफी ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है। इस प्लांट में कई प्रकार की हीलिंग प्रॉपर्टीज होती हैं। ऑरिगेनो की पत्तियों और जड़ों से तैयार किया गया ऑरिगेनो ऑयल एक एसेंशियल ऑयल होता है, जो कि पेट संबंधी समस्याओं और सर्दी-जुकाम को दूर करता है। इसमें एंटीफंगल, एंटीवायरल और एंटीमाइक्रोबाइल प्रॉपर्टीज होती हैं।
हड्डियों के दर्द को दूर करने में फायदेमंद: पारंपरिक रूप से इस तेल का प्रयोग दर्द में राहत पहुंचाने के लिए किया जाता है। आर्थराइटिस में होने वाले दर्द में आराम के लिए इसे प्रभावी माना गया है। ऐसा इस तेल में पाए जाने वाले कारवाक्रोल के कारण होता है। यह तेल सिर, चेहरे, गर्दन और मुंह संबंधी पुराने दर्द से भी छुटकारा दिलाने में सहायक है।
प्राकृतिक एंटीबायोटिक : ऑरिगेनो ऑयल एक प्राकृतिक एंटीबायोटिक है जिसे कई बैक्टीरिया के खिलाफ प्रभावी माना गया है। यह उन बैक्टीरिया से लडऩे में मदद करता है, जो त्वचा और सांस संबंधी संक्रमण का कारण बनते हैं।
अरोमा थैरेपी में भी होता है प्रयोग : अरोमा थैरेपी में भी ऑरिगेनो ऑयल का इस्तेमाल किया जाता है। यह दिमाग को रिलेक्स करता है जिससे तनाव आदि दूर होता है। कई अध्ययनों में यह पाया गया कि ऑरिगेनो ऑयल लिपिड प्रोफाइल में सुधार करके लो कोलेस्ट्रॉल में मदद करता है। इस तेल में कई प्रकार के एंटीऑक्सीडेंट्स मौजूद होते हैं, जो बॉडी को दूषित पदार्थों से बचाते हैं।
वैकल्पिक उपचार के लिए: वैकल्पिक उपचार के तौर पर जब ऑरिगेनो ऑयल को स्टीम के साथ इन्हेल किया जाता है तो यह साइनस की समस्या और छाती की जकडऩ को दूर कर सांस संबंधी अन्य दिक्कतों में आराम दिलाता है।
स्किन केयर में उपयोगी: एंटीइंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट जैसे गुणों के कारण त्वचा की देखभाल के लिए बनाए जाने वाले प्रोडक्ट्स में ऑरिगेनो ऑयल का प्रयोग किया जाता है। यह त्वचा पर बढ़ती उम्र के प्रभाव को भी कम करने में सहायक है।
ध्यान रहे ये बातें: ऑरिगेनो ऑयल को स्किन पर कभी भी एक्सपर्ट की सलाह के बिना इस्तेमाल न करें। यदि इसे डायल्यूट किए बिना लगाया गया तो स्किन जल भी सकती है। इस्तेमाल से पहले एक पैच टेस्ट जरूर करें।