आज भाद्रपद माह शुक्ल पक्ष की उदया तिथि एकादशी है जोकि सुबह 08:18 बजे तक रहेगी, इसके बाद द्वादशी तिथि लग जाएगी। भाद्रपद शुक्ल पक्ष की एकादशी को पद्मा एकादशी या परिवर्तिनी एकादशी के नाम से जाना जाता है। यह विष्णु उपासना का महान दिवस है।
जयपुर. आज भाद्रपद माह शुक्ल पक्ष की उदया तिथि एकादशी है जोकि सुबह 08:18 बजे तक रहेगी, इसके बाद द्वादशी तिथि लग जाएगी। भाद्रपद शुक्ल पक्ष की एकादशी को पद्मा एकादशी या परिवर्तिनी एकादशी के नाम से जाना जाता है। यह विष्णु उपासना का महान दिवस है।
ज्योतिषाचार्य पंडित सोमेश परसाई बताते हैं कि पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन शयन के दौरान भगवान विष्णु करवट लेते हैं। धार्मिक दृष्टि से देवशयनी और देव प्रबोधनी के समान ही परिवर्तिनी एकादशी का भी महत्व है। खास बात तो यह है कि इस बार कई अन्य शुभ संयोग भी बन रहे हैं, जिससे परिवर्तिनी एकादशी का महत्व और बढ़ गया है।
शनिवार को मातंग और आयुष्मान नाम के शुभ योग बन रहे हैं। वहीं आज त्रिपुष्कर नाम का बहुत शुभ योग भी बन रहा है। मान्यता है कि इस योग में शुरू होनेवाले कामों का तीन गुना फल मिलता है। आज भगवान विष्णु के वामन अवतार का जन्मोत्सव भी है। इस दिन भगवान विष्णु के वामन स्वरूप की भी पूजा की जाती है। 29 अगस्त को सुबह 08 बजकर 18 मिनट पर एकादशी और द्वादशी तिथि का संयोग भी बन रहा है।
यह दिन अत्यंत मंगलकारी माना गया है, भगवान विष्णु सभी भौतिक सुख-सुविधाओं में वृद्धि करते हैं। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करने पर सुख-शांति के साथ में सभी प्रकार की परेशानियों और कष्टों से मुक्ति भी मिलती है। वहीं त्रिपुष्कर योग में किया गया कोई भी कार्य लंबे समय तक शुभ प्रदान करता है।