जयपुर

जनधारा से जीवनधारा: रामगढ़ में उम्मीदों की बारिश, श्रमदान से गूंज उठा बांध का किनारा

रामगढ़ बांध के आसपास का क्षेत्र उत्सव स्थल में बदल गया था। पारंपरिक वेशभूषा में लोग नाचते-गाते पहुंचे थे। बांध पर हुए कार्यक्रम ने यह संदेश स्पष्ट कर दिया कि बांध का जीर्णोद्धार अब एक जन आंदोलन बन चुका है।

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Jun 06, 2025
कार्यक्रम में मौजूद रहे लोग

जयपुर: रामगढ़ बांध को पुनर्जीवित करने को लेकर गुरुवार को अभूतपूर्व जनभागीदारी देखने को मिली। अलसुबह से ही जयपुर शहर और आसपास के उपखंड क्षेत्रों से हजारों लोग बांध स्थल की ओर रवाना होने लगे। सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। महिलाएं पारंपरिक गीत गाते हुए, सिर पर तगारी और हाथ में फावड़े लेकर कार्यक्रम स्थल पहुंचीं।


जैसे ही लोग बांध पहुंचे, महिलाओं ने सर्वप्रथम भूमिपूजन किया और बांध की मिट्टी से तिलक लगाकर आस्था जताई। इसके बाद जिला प्रशासन की ओर से संसाधन मुहैया करवाए गए तो सभी ने श्रमदान के लिए मोर्चा संभाल लिया। जयपुर जिले से विभिन्न स्वयंसेवी संगठन और एनजीओ भी कार्यक्रम में शामिल हुए।


जमवारामगढ़ में महोत्सव जैसा माहौल


रामगढ़ बांध के आसपास का क्षेत्र उत्सव स्थल में बदल गया था। पारंपरिक वेशभूषा में लोग नाचते-गाते पहुंचे। जयकारों के साथ जुलूस के रूप में लोगों का रेला सड़कों पर दिखा। स्वागत द्वार और रंगोली समारोह की भव्यता को दर्शा रहे थे।


जनधारा से जीवनधारा


रामगढ़ बांध पर हुए कार्यक्रम ने यह संदेश स्पष्ट कर दिया कि बांध का जीर्णोद्धार अब एक जनांदोलन बन चुका है। मौसम की बाधाओं के बावजूद लोगों की सहभागिता, प्रतिबद्धता और संगठनों की संगठित ऊर्जा इस पुनर्जीवन अभियान को गति दे रही है। बांध के पुनर्जीवन से इलाके में उम्मीद की नई किरण जगी है। बांध में पानी आने से न केवल किसानों के खेतों में हरियाली लौटेगी, बल्कि आसपास के गांवों को भी पेयजल की समस्या से राहत मिलेगी।


रामगढ़ बांध जीर्णोद्धार समारोह में पत्रिका समूह के डिप्टी एडिटर भुवनेश जैन ने पत्रिका परिवार की ओर से अतिथियों का स्वागत किया। वहीं, राजस्थान पत्रिका के डिप्टी एडिटर हरीश पाराशर और एंकर ज्योति जोशी ने मंच संचालन किया।


जीर्णोद्धार समारोह में छलकी भावनाएं


रामगढ़ बांध के जीर्णोद्धार समारोह में पहुंचे लोगों के चेहरों पर वर्षों बाद उम्मीद की चमक दिखी। उनका कहना था कि अब दशकों बाद रामगढ़ बांध में पानी आने की प्रबल संभावना बनी है।


पत्रिका के प्रधान संपादक डॉ. गुलाब कोठारी ने लोगों से रामगढ़ के लिए जुटने का आह्वान किया। उन्होंने रामगढ़ बांध को जयपुर की जीवनरेखा बताते हुए जनभागीदारी की महत्ता पर जोर दिया। मंच पर उनके साथ मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में समाजसेवी भी मौजूद रहे।


रुक-रुककर होती रही बारिश


समारोह शुरू होने से पहले ही मौसम ने रंग दिखाना शुरू कर दिया। रुक-रुककर होती बारिश ने माहौल को और अधिक खुशनुमा बना दिया। बावजूद इसके, लोगों का उत्साह कम नहीं हुआ। छाते थामे या भीगते हुए ही लोग मिट्टी उठाने में जुटे रहे। रामगढ़ बांध बचाओ संघर्ष समिति के प्रवक्ता मनीष सोनी ने कहा, इंद्रदेव की कृपा और जनता का समर्पण साथ है। अब बांध जरूर मुस्कुराएगा।


राजस्थान पत्रिका की पहल पर सरकार का यह कदम ऐतिहासिक बन जाएगा। हैरिटेज नगर निगम के पार्षद भूपेंद्र मीना बोले, रामगढ़ बांध जयपुर की जीवनरेखा है, इसमें पानी आएगा तो शहर की प्यास बुझेगी।


रामगढ़ अब सिर्फ भूगोल नहीं, भावनाओं का भू-गर्भ


जनप्रतिनिधियों के साथ जनभागीदारी का अनूठा संगम देखने को मिला। सभी वर्गों ने श्रमदान और सहयोग का संकल्प दोहराया। महिलाओं ने भी अपनी श्रम की शक्ति दिखाई और भरपूर श्रमदान कर औरों को भी प्रेरित किया।


पूरा जिला चमन हो जाएगा


बांध में पानी आएगा तो कई गांवों को पेयजल मिलेगा। बांध के जीर्णोद्धार की सुनी तो महिलाओं को साथ लेकर आई। बांध भरेगा तो पूरा जिला चमन हो जाएगा।
…बिमला देवी मीना, सरपंच (लांगड़ियावास)


खेतों में सिंचाई सुविधा भी बढ़ेगी


पेयजल की उपलब्धता के साथ ही खेतों में सिंचाई सुविधा बढ़ेगी। अच्छी पैदावार होगी और ग्रामीण क्षेत्रों से शहरों की ओर हो रहा पलायन रुक सकेगा।
…रामराय जाट, फुटोलाव (आंधी)


आमजन को मिलेगा सीधा लाभ


पत्रिका के अमृतं जलम् अभियान ने फिर उम्मीद जगाई है। हमें श्रमदान करना है। इससे न केवल गांवों तक पानी पहुंचेगा, बल्कि इसका सीधा लाभ आमजन को मिलेगा।
…सैयद असगर अली, जयपुर

Updated on:
06 Jun 2025 07:39 am
Published on:
06 Jun 2025 07:38 am
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