जयपुर

Patrika Book Fair 2025 : मन के रहस्यों को खोलती है ‘मानस’, इसका हर विषय बेहद उपयोगी

Patrika Book Fair 2025 : जयपुर के जवाहर कला केंद्र के शिल्पग्राम में पत्रिका बुक फेयर का आयोजन हुआ। जिसमें पत्रिका समूह के प्रधान संपादक गुलाब कोठारी की पुस्तक ‘मानस’ पर चर्चा के दौरान मुख्य वक्ताओं ने महत्त्वपूर्ण निष्कर्ष निकाल कर श्रोताओं के सामने रखे। जानें निष्कर्ष में क्या निकला।
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Patrika Book Fair 2025 : जयपुर के जवाहर कला केंद्र के शिल्पग्राम में पत्रिका बुक फेयर का आयोजन हुआ। जिसमें पत्रिका समूह के प्रधान संपादक गुलाब कोठारी की पुस्तक ‘मानस’ पर चर्चा हुई। जिसमें ‘मानस’ मन के रहस्यों को खोलती है। मन को समझना हर किसी के वश की बात नहीं, लेकिन ‘मानस’ में मन की परतें खुलती नजर आती हैं। यह वह कालजयी ग्रंथ है, जो सरल भाषा में आम आदमी के उपयोगी विषयों की बात करता है। इसमें विषयों की विविधता है, इसका हर एक विषय बेहद उपयोगी है। यह पुस्तक युवाओं का मार्गदर्शन करती है। पत्रिका बुक फेयर के पहले सत्र में पत्रिका समूह के प्रधान संपादक गुलाब कोठारी की पुस्तक ‘मानस’ पर चर्चा के दौरान मुख्य वक्ताओं ने कुछ ऐसे ही महत्त्वपूर्ण निष्कर्ष निकाल कर श्रोताओं के सामने रखे।

‘मानस’ युवाओं को दिखा रही है राह - प्रोफेसर राजेंद्र प्रसाद शर्मा

इस सत्र में राजस्थान यूनिवर्सिटी के दर्शन शास्त्र विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रोफेसर राजेंद्र प्रसाद शर्मा ने बताया कि मन को समझना आसान नहीं है, ऐसे में मन के विषय को आधार बनाकर पुस्तक ‘मानस’ लिखना बहुत बड़ी साधना के समान है। ‘मानस’ में आम आदमी के मन में पैदा होने वाली जिज्ञासाओं को सरल अंदाज में प्रभावी तरीके से बताया गया है। यह पुस्तक युवाओं को राह दिखा रही है।

इसे पाठकों ने काफी किया पसंद - आनंद जोशी

वरिष्ठ पत्रकार आनंद जोशी ने बताया कि राजस्थान पत्रिका में ‘मानस’ नाम से शुरू हुआ स्तंभ आज चौदह भागों में मानस पुस्तक के रूप में पाठकों के सामने है। गुलाब कोठारी मन से मन के विषयों पर लिखकर पाठकों के मन तक पहुंचने में सफल रहे हैं। इसे पाठकों ने काफी पसंद किया है। इससे पहले गुलाब कोठारी की पुस्तक ‘द इनर वुमन’ और ‘मेरे भीतर मैं’ का विमोचन केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेन्द्र यादव, पत्रिका समूह के डिप्टी एडिटर भुवनेश जैन और वरिष्ठ पत्रकार सुकुमार वर्मा ने किया।

‘मानस’ के 14 भाग, 13 भाषाओं में अनुवाद

सत्र को मॉडरेट करते हुए वेद विज्ञान अध्ययन एवं शोध संस्थान से जुड़े सुकुमार वर्मा ने ‘मानस’ से जुड़ी महत्त्वपूर्ण जानकारी श्रोताओं को दी। उन्होंने बताया कि ‘मानस’ के चौदह भाग हैं और तेरह भाषाओं में इसका अनुवाद हो चुका है। यह ग्रंथ मन की गुत्थियों को खोलते हुए पाठकों के समक्ष विभिन्न विषय प्रस्तुत करता है। उन्होंने बताया कि मानस के चौदह भाग गुलाब कोठारी की 45 वर्षों की तपस्या का परिणाम हैं। उन्होंने बताया कि मानस के केंद्र में मन है और यही वजह है कि मानस में विषयों की विविधता है। सत्र में गुलाब कोठारी के कृतित्व पर आधारित फिल्म भी दिखाई गई।

सत्र : गुलाब कोठारी की पुस्तक ‘मानस’ पर चर्चा
एक्सपर्ट : प्रोफेसर राजेंद्र प्रसाद शर्मा, आनंद जोशी
मॉडरेटर : सुकुमार वर्मा
स्थान : सेंट्रल स्टेज।

Updated on:
16 Feb 2025 08:30 am
Published on:
16 Feb 2025 08:30 am