
Patrika Book Fair 2025 : पत्रिका बुक फेयर में शाम को 'टग ऑफ वर्ड्स : क्विक-फायर डिबेट का धमाका’ विशेष शो का आयोजन हुआ। इसमें ई-बुक और फिजिकल बुक को लेकर दो टीमों में सार्थक वाद-विवाद हुआ। बहस के इस मंच ने साहित्यप्रेमियों को संवाद और विचारों की नई दिशा दी। आरजे सूफी ने शो का संचालन किया।
ई-बुक को बेहतर बताने वाली टीम के सदस्यों विधांश, भरत व गौतम ने कहा कि रवींद्र नाथ टैगोर ने कहा था कि समय के साथ शिक्षा में भी बदलाव करना चाहिए। सामाजिक तौर पर बच्चे टेक्नोलॉजी को लेकर जागरूक हो रहे हैं। ई-बुक्स में भंडारण की सीमा भी नहीं होती। ई-बुक्स ऑडियो व वीडियो में आती हैं, जिन्हें डाउनलोड करके बाद में भी पढ़ सकते हैं।
वहीं फिजिकल बुक को बेहतर बताने वाली टीम के सदस्यों प्रज्ञा शर्मा, विविधा व अदिति ने कहा कि किताब पढ़ने के दौरान उससे भावनात्मक जुड़ाव होता है, इससे किताब को लेकर समझ अधिक होती है। रामायण को लिखा गया, जिसे आज हम सभी मानते हैं। प्रारंभिक पाठशाला में किताबें ही पढ़ने को दी जाती हैं। ई-बुक से अधिक अच्छी फिजिकल बुक होती है। इन्होंने ई-बुक को लेकर कहा कि ये आसानी से उपलब्ध नहीं होतीं, आंखों को नुकसान पहुंचाती हैं। इसके सीमित पाठक होते हैं। छोटे बच्चे गलत उपयोग करते हैं।
ई-बुक व फिजिकल बुक को लेकर करीब एक घंटे तक चले वाद-विवाद में फिजिकल बुक को बेहतर बताने वाली टीम को विजेता घोषित किया गया।
फेयर में विशेष शो के लिए वाद-विवाद टीम दर्शकों के बीच से बनाई गई। इसमें दर्शकों के बीच से ही तीन-तीन सदस्य लिए गए। वहीं निर्णायक की भूमिका भी दर्शकों ने ही निभाई। पुस्तक प्रेमियों के लिए यह शो विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।
Updated on:
16 Feb 2025 08:08 am
Published on:
16 Feb 2025 08:08 am
