— अधिकारियों ने भी किया निरीक्षण, अन्य सुविधाओं में भी किया इजाफा
जयपुर। भीलवाड़ा जिले के स्वामी विवेकानंद राजकीय मॉडल स्कूल, सुवाणा में चल रहे उदयपुर जिले के वरिष्ठ अध्यापकों के प्रशिक्षण शिविर में हंगामा होने के बाद आखिर शिक्षा विभाग ने महिला शिक्षिकाओं के कमरों में लगे कैमरे कल शाम को हटा दिए। न्यूज टुडे ने इस संबंध में शुक्रवार के अंक में आवासीय शिविर में महिला शिक्षकों के कमरे में खुफिया कैमरा! समाचार प्रकाशित किया था। उसके बाद विभाग के अधिकारी हरकत में आए और तुरंत शिविर स्थल पर पहुंचे। वहां कमरों में कैमरे लगे हुए थे, जिन्हें बाद में हटा दिया गया। इससे पहले कैमरों पर टेप रोल लगाया गया, लेकिन शिक्षक नहीं माने वे इन्हें हटाने की बात पर ही अड़े रहे। शाम को विवाद बढ़ता देख कैमरे हटा दिए गए। अब भी सभी शिक्षक इस मामले की जांच और दोषियों के खिलाफ की मांग कर रहे हैं।
हालांकि शिविर प्रभारी अशोक श्रौत्रिय ने बताया कि कैमरे चालू नहीं थे। महिला शिक्षकों के विरोध के बाद कंपनी के तकनीकि कर्मचारी बुलाकर उन्हें रिकार्डिंग भी दिखाई गई। वहीं महिलाओं का कहना है कि रिकार्डिंग डिलीट की गई है।
ये है मामला
गौरतलब है कि भीलवाड़ा जिले के स्वामी विवेकानंद राजकीय मॉडल स्कूल, सुवाणा में आवासीय शिविर में जिन कमरों में महिला शिक्षक ठहरी उनमें कैमरे लगे हुए थे, दो दिन बाद महिला शिक्षकों को इसका पता चला तो उन्होंने हंगामा कर दिया। महिला शिक्षकों का कहना था कि बाद में पता चला की इन कैमरों में उनकी रिकार्डिंग हुई है। महिला शिक्षकों ने इसका जमकर विरोध भी किया। उनका कहना था कि महिलाओं के कमरों में कैमरे लगाना गलत है। स्कूल प्रशासन को इन्हें दूसरे कैमरों में ठहराना चाहिए था। उन्होंने कहा कि यह उनकी निजता का हनन है। उन्होंने इस मामले में उच्च स्तरीय जांच कराकर दोषियों के खिलाफ जांच की मांग की है।
अन्य सुविधाओं में भी किया इजाफा
विरोध के बाद स्कूल प्रशासन और शिक्षा विभाग ने वहां मौजूद सुविधाओं में इजाफा किया। महिलाओं के लिए लैथ बाथ में पानी आदि की व्यवस्था के लिए पानी के ड्रम रखवाए गए। भोजन व्यवस्था में भी अधिकारियों ने सुझाव के निर्देश दिए।