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राजस्थान में भी सरकारी कर्मचारियों के​ लिए 2 दिन के वर्क फ्रॉम होम की तैयारी, सरकार ले सकती है बड़े फैसले

राजस्थान में सरकारी कर्मचारियों को सप्ताह में दो दिन वर्क फ्रॉम होम (WFH) की सुविधा देने पर मंथन किया जा रहा है। हालांकि इस पर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है। सीएम भजनलाल शर्मा खुद भी ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण को लेकर सक्रिय दिखाई दे रहे हैं।

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CM Bhajan Lal Sharma

सीएम फाइल फोटो (पत्रिका)

जयपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पेट्रोल और डीजल की खपत कम करने, पब्लिक ट्रांसपोर्ट अपनाने की अपील के बाद राजस्थान सरकार भी बड़े बदलावों की तैयारी में नजर आ रही है। राज्य में सरकारी कर्मचारियों को सप्ताह में दो दिन वर्क फ्रॉम होम (WFH) की सुविधा देने पर मंथन किया जा रहा है। हालांकि इस पर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है, लेकिन सरकार के स्तर पर विभिन्न विभागों से सुझाव मांगे गए हैं। कहा जा रहा है सरकार जल्द WFH जैसे कुछ बड़े फैसले ले सकती है।

सीएम भजनलाल शर्मा खुद भी ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण को लेकर सक्रिय दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने हाल ही में अपने बड़े काफिले की गाड़ियों की संख्या कम करने के साथ इलेक्ट्रिक वाहन का उपयोग शुरू किया है । राजस्थान के मंत्रियों और नेताओं ने भी अपना काफिला छोटा कर दिया है और ईवी का इस्तेमाल कर रहे हैं।

उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने किया ट्रेन में सफर

इसके अलावा सरकार के कई मंत्री भी अब पब्लिक ट्रांसपोर्ट और ईवी के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की अपील कर रहे हैं।हाल ही में राजस्थान के दोनों उप मुख्यमंत्री (दिया कुमारी और प्रेम चंद बैरवा) भी अलग-अलग अंदाज में ईंधन बचत का संदेश देते नजर आए।

उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ट्रेन में सफर करती दिखाई दीं, जबकि उप मुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा राजस्थान रोडवेज बस में यात्रा करते नजर आए। सरकार इसे जनजागरूकता अभियान के रूप में भी देख रही है ताकि आम लोग भी निजी वाहनों का कम उपयोग करें।

ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट स्थगित

ईंधन बचत को लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जयपुर में 23 से 25 मई तक प्रस्तावित ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट ‘ग्राम-2026’ को स्थगित कर दिया है। इस कार्यक्रम में प्रदेशभर से लाखों किसान, कृषि विशेषज्ञों और उद्योग जगत से जुड़े लोग शामिल होने वाले थे। सरकार का मानना है कि ऐसे बड़े आयोजनों में भारी मात्रा में ईंधन खर्च होता है और यातायात पर भी अतिरिक्त दबाव पड़ता है।

मुख्यमंत्री का कहना है कि आने वाले समय में सरकारी बैठकों को अधिकतम वर्चुअल माध्यम से आयोजित किया जाएगा। साथ ही सरकारी वाहनों के उपयोग में भी कमी लाई जाएगी। अधिकारियों और कर्मचारियों की गैरजरूरी यात्राओं को सीमित करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।

सरकार ने आमजन से भी सहयोग की अपील की है। लोगों को कार पूलिंग, पब्लिक ट्रांसपोर्ट और साझा परिवहन का अधिक इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। सरकार का मानना है कि यदि लोग छोटी-छोटी आदतों में बदलाव करें तो ईंधन बचत के साथ प्रदूषण नियंत्रण में भी बड़ा असर देखने को मिल सकता है।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने किया मेट्रो में सफर

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 18 मई को पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देने के लिए अपने निवास से लेकर सचिवालय तक का सफर पैदल, मेट्रो और फीडर बस के जरिए तय किया।

दिल्ली सरकार ने हाल ही में ‘मेरा भारत, मेरा योगदान’ अभियान के तहत सरकारी कर्मचारियों के लिए सप्ताह में 2 दिन वर्क फ्रॉम होम का नियम लागू किया है। इसके अलावा दिल्लीवासियों से जहां संभव हो, मेट्रो, डीटीसी बसों और कारपूलिंग को अपनाने की अपील की है। अधिकारियों का मानना ​​है कि इस कदम से दिल्ली में यातायात जाम कम होगा और ईंधन की खपत कम करने में मदद मिलेगी।