
चिड़ावा शहर के सूरजगढ़ बाइपास रोड पर तोलासेही हाल रिद्धि-सिद्धि कॉलोनी निवासी अनिता पूनियां कच्ची बस्ती के बच्चों को शिक्षा से जोडऩे में जुटी हैं। करीब चार साल पहले महज दो-तीन बच्चों से शुरू हुआ सफर 50 से ज्यादा बच्चों तक पहुंच चुका है। दरअसल, अनिता ने कुछ साल पहले अपनी पति विकास पूनियां के साथ झुग्गी-झोपड़ी के बच्चों को शिक्षा से जोडऩे का बीड़ा उठाया। यहां रहने वाले बच्चों को कचरा बीनते देख कर उनका मन विचलित हुआ और उन्होंने अपने घर पर ही सरला पाठशाला नाम से विद्यालय शुरू कर निशुल्क शिक्षा देना शुरू किया। शुरू में थोड़ी परेशानी आई, लेकिन फिर बच्चे आने लगे। अब इन बच्चों के लिए आवासीय विद्यालय भी शुरू किया जा रहा है।
भामाशाहों का सहयोग
सरला पाठशाला में भामाशाह भी सहयोग देने लगे हैं। लोग जन्मदिन, शादी सालगिरह और पुण्यतिथि पर पाठशाला पहुंचकर बच्चों को खाना, पाठ्यसामग्री, कपड़े और अन्य जरूरत की सामग्री भेंट कर रहे हैं। भवन निर्माण में भी भामाशाहों का पूर्ण सहयोग मिल रहा है।
सपना हो रहा पूरा
संचालक अनिता ने बताया कि कच्ची बस्ती के बच्चों को आवासीय विद्यालय में पढ़ाई करवाने का सपना साकार होता दिख रहा है। उन्होंने बस्ती के पास ही पुश्तैनी प्लॉट भी पाठशाला के नाम कर दिया है। अनिता हरियाणा के हंसवाल कलां से हैं और स्नातक तक पढ़़ी हैं।