पतंगबाजी के दौरान इस्तेमाल हो रहे धारदार और जानलेवा मांझे से बचने के लिए अब लोग खुद आगे आकर सुरक्षा के उपाय करने लगे हैं।
जयपुर।
पतंगबाजी के दौरान इस्तेमाल हो रहे धारदार और जानलेवा मांझे से बचने के लिए अब लोग खुद आगे आकर सुरक्षा के उपाय करने लगे हैं। शहर की सड़कों पर बाइक सवार अपनी मोटरसाइकिलों में थ्रेड गॉर्ड लगवाते नजर आ रहे हैं। यह थ्रेड गॉर्ड बाइक के आगे हैंडल के पास लगाया जाता है, ताकि सामने से उड़ता हुआ मांझा सीधे गले या चेहरे तक न पहुंच सके और गंभीर हादसे से बचाव हो सके।हर साल मकर संक्रांति के आसपास चाइनीज और नायलॉन मांझे से हादसों के मामले बढ़ जाते हैं। कई बार दोपहिया वाहन चालकों का गला कटने, गंभीर रूप से घायल होने और मौत तक की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। ऐसे में अब लोग हेलमेट के साथ-साथ अतिरिक्त सुरक्षा उपाय भी अपनाने लगे हैं।
महेश नगर निवासी दीपक शर्मा बैदिल ने बताया कि वह हर साल जनवरी महीने में अपनी बाइक के आगे मजबूत थ्रेड गॉर्ड लगवाते हैं। उनका कहना है कि यह थ्रेड गॉर्ड मांझे को गर्दन तक पहुंचने से पहले ही काट देता है या उसे रोक लेता है। यह बाइक सवार को बड़ी दुर्घटना से बचाता है। दीपक के अनुसार, सिर्फ हेलमेट पहनना काफी नहीं है, मांझे का खतरा गले और चेहरे दोनों के लिए बना रहता है। उन्होंने कहा कि मकर संक्राति के बाद वह उसे अगले साल के लिए संभाल कर रख देते है।हालांकि प्रशासन और पुलिस द्वारा चाइनीज मांझे की बिक्री और इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाया गया है और समय-समय पर कार्रवाई भी की जाती है, लेकिन इसके बावजूद बाजारों में इसकी चोरी-छिपे बिक्री जारी है। इसी कारण लोग प्रशासन पर निर्भर रहने के बजाय खुद एहतियाती कदम उठा रहे हैं।