
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'अमृत भारत स्टेशन योजना' के तहत पूरे देश में पुनर्विकसित किए गए 75 आधुनिक रेलवे स्टेशनों का वर्चुअल माध्यम से भव्य उद्घाटन व लोकार्पण किया है। इस राष्ट्रीय स्तर के प्रोजेक्ट में राजस्थान और विशेषकर उत्तर पश्चिम रेलवे (NWR) को बड़ी सौगात मिली है, जिससे स्थानीय यात्रियों और यहां आने वाले पर्यटकों का सफर पूरी तरह बदलने वाला है। केंद्र सरकार ने इन 75 रेलवे स्टेशनों को लगभग 1,570 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से पूरी तरह विश्वस्तरीय, आधुनिक और पैसेंजर फ्रेंडली बनाया है। इस पूरे प्रोजेक्ट का मूल मंत्र 'विरासत भी, विकास भी' रखा गया है, जिसके तहत स्टेशनों पर लिफ्ट, एस्केलेटर, फ्री वाई-फाई, एग्जीक्यूटिव लाउंज और दिव्यांगजन अनुकूल बुनियादी ढांचे जैसी 21वीं सदी की सुविधाएं तो जोड़ी ही गई हैं, साथ ही स्टेशन की मुख्य बिल्डिंग में वहां की स्थानीय कला, संस्कृति और वास्तुकला की अनूठी झलक को भी बखूबी संजोया गया है।
इस महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत राजस्थान की मरुधरा के कुल 8 रेलवे स्टेशनों का चेहरा पूरी तरह बदलकर उन्हें एक नए और आधुनिक स्वरूप में राष्ट्र को समर्पित किया गया है। इन स्टेशनों के अपग्रेड होने से स्थानीय यात्रियों को अब ट्रेनों के इंतजार के दौरान किसी भी तरह की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा।
लोकार्पण किए गए राजस्थान के इन 8 रेलवे स्टेशनों में शामिल हैं:
राजस्थान के जिन 8 स्टेशनों को आधुनिक बनाया गया है, उनमें से 6 रेलवे स्टेशन सीधे तौर पर उत्तर पश्चिम रेलवे (NWR) क्षेत्र के अंतर्गत आते हैं। रेलवे प्रशासन द्वारा इन 6 अमृत स्टेशनों को 'मरुधरा की नई शान' के रूप में प्रमोट किया जा रहा है। इन स्टेशनों के पुनर्विकास पर खर्च हुई लागत और उनकी विशेषताएं कुछ इस प्रकार हैं:
जैसलमेर स्टेशन (₹140 करोड़): यह राजस्थान का सबसे बड़ा और मुख्य प्रोजेक्ट है। इसे करीब 140 करोड़ रुपये की भारी लागत से एक बेहद शाही और महलनुमा हेरिटेज लुक (Heritage Look) दिया गया है। सोनार किले की तर्ज पर बने इस स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा के लिए 10 नई लिफ्ट और 10 अत्याधुनिक एस्केलेटर लगाए गए हैं।
गोटन स्टेशन (₹20.14 करोड़): इस स्टेशन का करीब 20.14 करोड़ रुपये की लागत से पूरी तरह कायाकल्प किया गया है।
बाड़मेर स्टेशन (₹18 करोड़): थार मरुस्थल की समृद्ध संस्कृति के रंग में रंगते हुए इस स्टेशन को 18 करोड़ रुपये के बजट से निखारा गया है।
दौसा स्टेशन (₹15 करोड़): जयपुर मंडल के इस स्टेशन का 15 करोड़ की लागत से आधुनिकीकरण पूरा हुआ है।
सोमेसर स्टेशन (₹13 करोड़): यहां भी 13 करोड़ रुपये की लागत से सभी यात्री विकास कार्य पूरे किए गए हैं।
खैरथल स्टेशन (₹12.79 करोड़): खैरथल को 12.79 करोड़ रुपये की लागत से एक नया और आकर्षक स्वरूप प्रदान किया गया है।
सूची में शामिल शेष 2 स्टेशन- डीग और गंगापुर सिटी अन्य रेलवे जोन/मंडलों के प्रशासनिक क्षेत्र का हिस्सा हैं)।
जयपुर मंडल के अंतर्गत आने वाले दौसा रेलवे स्टेशन पर इस ऐतिहासिक अवसर को एक उत्सव की तरह मनाया गया। लगभग 15 करोड़ रुपये की लागत से संवरे इस स्टेशन के मुख्य भवन को बेहद आकर्षक लाइटिंग और नए प्रतीक्षालय से लैस किया गया है। स्टेशन परिसर की दीवारों पर स्थानीय राजस्थानी संस्कृति और भारतीय पारंपरिक कला को दर्शाते हुए बेहद खूबसूरत वॉल पेंटिंग्स बनाई गई हैं, जो यहां आने वाले हर मुसाफिर को आकर्षित कर रही हैं। बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए विशेष रूप से नए रैंप और सुगम रास्तों का निर्माण किया गया है, साथ ही आधुनिक कोच डिस्प्ले बोर्ड और नई पार्किंग व्यवस्था भी लागू की गई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्चुअल संबोधन के दौरान दौसा स्टेशन परिसर में एक बड़ा पंडाल लगाया गया था, जहां स्थानीय जनप्रतिनिधि, रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी, प्रबुद्ध नागरिक, भारी संख्या में रेल यात्री और स्कूली छात्र मौजूद रहे।