प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की 7 जुलाई को जयपुर में होने वाली सभा में भीड़ जुटाने के लिए सरकार ने अनोखा तोड़ निकाला है।
मोदीजी आपसे मिलने आ रहे हैं, आपको आना है
जयपुर. 'मैं देवस्थान विभाग से बोल रही हूं। आपने रामेश्वरम की यात्रा की थी ना। अब मोदीजी आपसे मिलने 7 जुलाई को जयपुर आ रहे हैं, आपको आना है।' कुछ ऐसा ही कहा जा रहा है दीनदयाल वरिष्ठ नागरिक तीर्थयात्रा के लाभार्थियों को पीएम मोदी की सभा में बुलाने के लिए। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की 7 जुलाई को जयपुर में होने वाली सभा में भीड़ जुटाने के लिए सरकार ने अनोखा तोड़ निकाला है। इसके लिए विभाग की ओर से प्रत्येक यात्री को व्यक्तिश: फोन किया जा रहा है। ज्ञात हो कि सरकार ने सभी 33 कलक्टरों को निर्देशित किया है कि वे अपने जिले से सरकारी योजनाओं में लाभान्वितों को सभा में जरूर लेकर आए। इसमें हर योजना के लाभान्वितों की एक निश्चित संख्या भी तय है। इससे ऐसा लगता है जयपुर में होने वाली सभा के लिए अकेले कलेक्टर ही अधिकांश भीड़ जुटा लेंगे। भीड़ जुटाने के लिए जिला कलक्टर ने अन्य विभागों के साथ देवस्थान विभाग को भी दीनदयाल वरिष्ठ नागरिक तीर्थयात्रा के लाभार्थियों को सभा में बुलाने के निर्देश जारी किए हैं। जिसके चलते देवस्थान विभाग का पूरा अमला सारे काम छोड़कर भीड़ जुटाने में लगा हुआ। विभाग के कर्मचारी तीर्थयात्रियों को सभा में आने की सूचना देने के लिए फोन करने में जुटे हुए हैं।
कर्मचारी लाभार्थियों को कर रहे फोन
देवस्थान विभाग के कर्मचारी लाभार्थियों को फोन पर सूचना दे रहे हैं। 7 जुलाई को प्रधानमंत्री आपसे मिलने जयपुर आ रहे हैं। फोन पर उन्हें पूछा जाता है कि आपकी यात्रा कैसी रही? आपके अनुभव जानने के लिए प्रधानमंत्री जयपुर आ रहे हैं। पीएम आपसे मिलेंगे और बात करेंगे। क्या आप इस सभा में आने की सहमति देंगे? सभी कर्मचारियों को लाभार्थियों को अप्रोच करने का टारगेट दिया गया है। यही नहीं सभा में आने वाले वरिष्ठ नागरिकों को भोजन के पैकेट तैयार करने की जिम्मेदारी भी देवस्थान विभाग को ही दी गई है।