
JAIPUR
जयपुर। गुलाबी नगरी को स्वच्छता में नंबर-1 बनाने के लिए प्रशासन ने अब 'स्लीपिंग मोड' छोड़कर 'एक्शन मोड' चुन लिया है। शनिवार रात जब शहर गहरी नींद में था, तब राजधानी की सड़कों पर 'ऑपरेशन क्लीन स्वीप' का शंखनाद हुआ। इस अभियान की सबसे चौंकाने वाली और चर्चा का विषय रही तस्वीर वह थी, जब कलेक्टर संदेश नायक और निगम आयुक्त ओम कसेरा ने प्रोटोकॉल छोड़ एक पुरानी स्कूटी पर सवार होकर तंग गलियों का जायजा लेने निकल पड़े। आयुक्त स्कूटी चला रहे थे और पीछे बैठे कलेक्टर साहब सफाई की बारीकियों को देख रहे थे।
अक्सर लग्जरी कारों और काफिले में चलने वाले अधिकारी शनिवार रात बिल्कुल अलग अंदाज में दिखे। कलेक्टर और कमिश्नर ने हेलमेट लगाया और स्कूटी उठाकर परकोटे की उन तंग गलियों में जा पहुंचे, जहाँ बड़ी गाड़ियां नहीं जा सकती। दोनों अधिकारियों ने यह देखा कि सफाई केवल मुख्य सड़कों तक सीमित न रहे। इस दौरान उन्होंने बिना किसी तामझाम के ग्राउंड जीरो पर सफाईकर्मियों की मौजूदगी और काम के स्तर को परखा।
शहर को चकाचक करने के लिए निगम ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। रात के सन्नाटे में करीब 2000 सफाईकर्मी और 500 अधिकारी सड़कों पर उतरे। 36 बीट्स में बंटे इस अभियान में सफाई योद्धाओं को टॉर्च, नाइट जैकेट और गमबूट जैसे संसाधनों से लैस किया गया था। आयुक्त ओम कसेरा ने बताया कि दिन में हैवी ट्रैफिक के कारण जो इलाके अछूते रह जाते थे, उन्हें अब रात के विशेष अभियान में कवर किया जा रहा है।
निरीक्षण के बाद कलेक्टर संदेश नायक ने साफ किया कि अब जयपुर में सूरत की तर्ज पर सफाई व्यवस्था लागू होगी। उन्होंने माना कि कचरा पात्रों को सड़क पर खाली करने की पुरानी पद्धति गलत है। अब सिद्धांत यह होगा कि 'कचरा पात्र से सीधे डंपिंग यार्ड' जाए। इसके लिए जल्द ही सभी ट्रांसफर स्टेशन्स को मैकेनाइज्ड किया जाएगा ताकि कचरा जमीन को न छुए।
प्रशासन ने संदेश दिया है कि केवल सरकारी प्रयासों से शहर साफ नहीं होगा। आयुक्त ने कहा कि जयपुर में सिविक सेंस है, लेकिन अब हमें बिहेवियर चेंज यानी व्यवहार परिवर्तन पर काम करना होगा। अब जोर इस बात पर है कि जनता घरों से ही गीला और सूखा अलग करके दे। जो लोग समझाइश के बाद भी सड़कों पर कचरा फेकेंगे, उन पर भारी जुर्माना लगाने की तैयारी भी कर ली गई है।
इस अभियान में मानवीय पक्ष भी नजर आया। अधिकारियों ने न केवल कमियां निकालीं, बल्कि रात भर जागकर काम कर रहे सफाईकर्मियों का हौसला भी बढ़ाया। आयुक्त ओम कसेरा ने खुद अपने हाथों से सफाईकर्मियों को मिठाई खिलाई और उन्हें 'स्वच्छता योद्धा' संबोधित किया। आगामी स्वच्छ सर्वेक्षण को देखते हुए इस 'नाइट स्वीपिंग' को अब एक निरंतर प्रक्रिया बनाने का निर्णय लिया गया है।
Updated on:
10 May 2026 09:28 am
Published on:
10 May 2026 09:27 am
