
प्रदेश में स्वच्छता अभियान जोर शोर से चल रहा है और सरकार आमजन से स्वच्छता को बढ़ाने के लिए लोगों को जागरूक करने की गरज से करोड़ों रुपए फूंक रही है। वहीं दूसरी तरफ सरकारी कार्यालयों में ही अभियान की धज्जियां खुलेआम उड़ रही है। मामला झालाना स्थित प्रादेशिक परिवहन कार्यालय से जुड़ा है जहां कार्यालय के बेसमेंट में रखा वाहनों का रिकॉर्ड धूल फांक रहा है तो दीवारों पर लगी पान की पीक विभाग के आला अफसरों की उदासीनता उजागर कर रही है। विभाग ने कार्यालय के बेसमेंट की दीवारों पर बड़े बड़े अक्षरों में सफाई को लेकर संदेश जरूर लिखवा रखे हैं लेकिन ठीक उसी के नीचे जमा गंदगी और कचरे का ढेर मानों विभाग को मुंह चिढ़ाता नजर आ रहा है।
अफसरों की स्वच्छता अभियान के लिए ऐसी अनदेखी ने पीएम मोदी के इस अभियान का पलीता लगा दिया है। बेसमेंट में बेतरतीब ढंग से रखे रिकॉर्ड की सुध लेने तक की फुर्सत विभाग के कार्मिकों के साथ खुद अफसरों को नहीं है। विभाग ने कार्यालय परिसर में सफाई के लिए ठेके पर सफाईकर्मी रखे हुए हैं लेकिन वह भी कार्यालय परिसर में बाहर से ही साफ सफाई कर अपना फर्ज निभा रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ कार्यालय में जमा कबाड़ और गंदगी विभाग के कार्मिकों की सेहत खराब कर रही है। कार्यालय के बेसमेंट में जमा कचरा गंदगी,बरसों से नहीं हुई सफाई और धूल फांक रहा वाहनों का रिकॉर्ड झालाना स्थित प्रादेशिक परिवहन कार्यालय में स्वच्छता अभियान की धज्जियां उड़ा रहा है। झालाना स्थित कार्यालय में रखा अधिकांश रिकॉर्ड अब तक आॅन लाइन नहीं हो सका है ऐसे में अनदेखी के चलते बेसमेंट में रखा रिकॉर्ड गंदगी के चलते खराब हो रहा है। जिसकेे चलते वाहनों के ट्रांसफर, टैक्स आदि मामलों के निस्तारण में भी रिकॉर्ड ढूंढने में लग रहे वक्त के चलते देरी हो रही है और वाहन मालिक काम नहीं होने से परेशान हैं।