IAS Neha Meena: सिविल सर्विस दिवस पर पीएम मोदी आज आईएएस नेहा मीना को सम्मानित करेंगे। जानें इनका राजस्थान से क्या कनेक्शन है?
Civil Service Day 2025: जयपुर। आज सिविल सर्विस दिवस है, इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के विभिन्न राज्यों के 16 प्रशासनिक अफसरों को सम्मानित करेंगे। जिनमें आईएएस नेहा मीना का नाम भी शामिल है, जो मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले की कलेक्टर है। आइए अब जानते हैं कि इनका राजस्थान से क्या कनेक्शन है?
दरअसल, आईएएस नेहा मीना मूल रूप से राजस्थान की रहने वाली हैं। नेहा 2014 बैच की मध्य प्रदेश कैडर की आईएएस अधिकारी हैं। वे वर्तमान में झाबुआ जिले में कलेक्टर के पद पर कार्यरत हैं। नेहा मीना नवाचार के चलते मध्य प्रदेश के प्रशासन में चर्चित रहती हैं। उन्हें दो बार राष्ट्रपति से सम्मान मिल चुका हैं।
नेहा मीणा को आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम के तहत उत्कृष्ट प्रशासनिक कार्य के लिए प्रतिष्ठित प्रधानमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार 2024 के लिए चुना गया। यह पुरस्कार उन्हें आज पीएम मोदी देंगे। नेहा की मोती आई पहल, जो एक सामुदायिक आधारित कुपोषण उन्मूलन मॉडल है। इस पहल से गंभीर कुपोषण की स्थिति में बदलाव आया है।
नेहा मीणा राजस्थान के मारवाड़ जंक्शन की रहने वाली हैं। उनके मां का नाम कृष्णा देवी मीणा और पिता का नाम चिमन सिंह मीणा हैं। उनकी बहन डॉ. शकुंतला मीणा एक पूर्व प्राचार्या हैं। नेहा मीना ने इकॉनोमिक्स से एमए किया है। 2014 में नेहा का भारतीय प्रशासनिक सेवा में चयन हुआ था और मसूरी से आईएएस की ट्रेनिंग ली थी। मध्यप्रदेश में पोस्टिंग के साथ ही नेहा अक्सर अच्छे कामों के चलते सुर्खियों में रहती हैं।
वे एक समर्पित और केंद्रित अधिकारी के रूप में जानी जाती हैं। नेहा मीणा ने अपने नवाचारों व समुदाय-केंद्रित दृष्टिकोण के माध्यम से प्रशासन में अहम योगदान दिया है। यही वजह है कि उन्हें कई अवार्ड मिल चुके हैं। 15वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर 25 जनवरी को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने नेहा मीना को बेस्ट इलेक्टोरल प्रैक्टिस अवार्ड से सम्मानित किया था। यह अवॉर्ड उन्हें लोकसभा चुनाव में मतदाता जागरुकता अभियान के तहत शुभंकर चुनावी काका-काकी के साथ किए गए नवाचार के लिए मिला था।
इसके अलावा नीमच में अपर कलेक्टर रहते हुए नेहा को 18 जुलाई 2023 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने लैंड इक्वल प्लेटिनम अवार्ड से सम्मानित किया था। चोरल नदी के पुनर्जनन के लिए उन्हें साल 2020 में केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय से राष्ट्रीय जल पुरस्कार भी मिल चुका है।