जयपुर

सेंटर फॉर एक्सीलेंस के रूप में विकसित होंगे प्रदेश के पीएम श्री विद्यालय

Centers of Excellence: राजस्थान में पीएम श्री योजना के तहत 639 सरकारी विद्यालयों को सेंटर फॉर एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिनमें पहले चरण में 402 और दूसरे चरण में 237 स्कूलों का चयन हुआ है।

2 min read
Aug 15, 2025
Photo: patrika

PM SHRI Schools: जयपुर. प्रदेश के पीएमश्री विद्यालय सेंटर फॉर एक्सीलेंस के रूप में विकसित होंगे। यानी भवनों का कायाकल्प करने के साथ ही विद्यालयों का आधुनिकीकरण किया जाएगा। इनमें पढऩे वाले बच्चों पर शिक्षण के साथ ही गीत-संगीत, वाद्य यंत्रों, खेलों सहित अन्य गतिविधियों पर भी फोकस किया जाएगा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 आधारित शैक्षणिक एवं सह शैक्षणिक गतिविधियों के माध्यम से 21वीं सदी के विकसित भारत की कल्पना को साकार किया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास हो सके। इसके लिए विभाग ने बजट स्वीकृत कर दिया है। राजस्थान में पीएम श्री योजना के तहत 639 सरकारी विद्यालयों को सेंटर फॉर एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिनमें पहले चरण में 402 और दूसरे चरण में 237 स्कूलों का चयन हुआ है।

ये भी पढ़ें

नई शिक्षा नीति में मातृभाषा को बढ़ावा: अब अपनी भाषा में पढ़ेगा लाला, औरत होगी बईयर, कमीज होगी बुरसट

बच्चों को स्कूल बैग के लिए मिलेगी राशि

पीएम श्री विद्यालयों में कक्षा 1 से 5 के बच्चों को टीटीएलएम एवं स्कूल बैग के लिए प्रति बालक 480 रुपए भी दिए जाएंगे। इसके साथ ही प्रत्येक पीएम श्री विद्यालय में कमजोर बच्चों को शिक्षण कराने के लिए प्रति कालांश शिक्षकों की व्यवस्था करने की योजना है। कक्षा 6 से 10 के लिए कार्य व्यवस्थार्थ लगाए लगाए गए बाह्य व्यक्ति को 200 रुपए प्रति घण्टा व कक्षा 11 व 12 के लिए 300 रुपए प्रति घंटा की दर से मानदेय देय होगा। प्रत्येक पीएमश्री विद्यालय में कलरफुल डस्टबिन, एलइडी लाइटिंग, किचन गार्डन भी विकसित किए जाएंगे। इन विद्यालयों में बाल वाटिका का भी संचालन किया जा रहा है।

जिला-वार स्कूलों की संख्या

जयपुर में सर्वाधिक 28, जोधपुर में 24, उदयपुर में 22, बाड़मेर में 21, अलवर और नागौर में 18-18, भरतपुर और भीलवाड़ा में 15-15, अजमेर में 14, श्रीगंगानगर, चित्तौड़गढ़ और सीकर में 13-13, झुंझुनू और बूंदी में 12-12 (बूंदी में प्रथम चरण में 5, द्वितीय चरण में 7), बांसवाड़ा, दौसा और पाली में 11-11, बीकानेर, बारां, डूंगरपुर, जालौर और झालावाड़ में 10-10, करौली, कोटा, प्रतापगढ़ और हनुमानगढ़ में 9-9, टोंक, धौलपुर और राजसमंद में 8-8, चुरू, जैसलमेर और सवाई माधोपुर में 7-7, तथा सिरोही में 6 स्कूल शामिल हैं।

इन कार्यों के लिए मिलेगी राशि

विद्यालय सौंदर्यकरण के लिए: 1 लाख प्रति विद्यालय

संगीत यंत्रों के लिए : 50 हजार प्रति विद्यालय

संगीत टीचर के लिए : 1 लाख प्रति विद्यालय

सांस्कृतिक एवं खेल दिवस के लिए : 50 हजार प्रति विद्यालय

एनुअल स्कूल ग्रांट में: 75 हजार से डेढ़ लाख रुपए तक

नामांकन के अनुसार खेलकूद सामग्री के लिए: 50 हजार रुपए

ये भी पढ़ें

‘Apna Ghar’ बना ट्रक चालकों का दोस्त और सड़क हादसों का दुश्मन, राजस्थान में भी सुविधा उपलब्ध कराने की तैयारी

Published on:
15 Aug 2025 02:14 pm
Also Read
View All

अगली खबर