जयपुर

PATRIKA PODCAST : मर्यादा भी बंधन

मर्यादा कर्ता के लिए होती है, द्रष्टा के लिए नहीं। मर्यादा के अभाव में कोई आकृति नहीं उभर सकती।

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Mar 10, 2026

Gulab Kothari Articles : स्पंदन : मर्यादा भी बंधन : मर्यादा जीवन के सुचारू रूप से जीने का मार्ग है, वहीं अनेक मानसिक द्वन्द्वों की जनक भी है। बन्धन में आदान-प्रदान है। ऋण है, ऋण मोचन है। यह ऋण ही बन्धन है। मां-बाप ने शरीर दिया तो माता-पिता का ऋण चुकाना पड़ेगा। यही तो बन्धन है।

Published on:
10 Mar 2026 03:56 pm
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