
जयपुर
प्रदेश में बजरी का अवैध खनन थमने का नाम नहीं ले रहा है। खनन माफियाओं ने माइनिंग और पुलिस प्रशासन की नाक में दम कर रखा है। कोर्ट के आदेशों की पालना करवाने में पुलिस व प्रशासन पूरी तरह से नाकाम साबित हो रहा है। प्रदेश में बजरी के अवैध खनन से नित नए मामले आए दिन सामने आ रहे है। शहर थाना पुलिस ने देर रात कार्रवाई करते हुए बजरी से भरे आधा दर्जन वाहन जब्त चालकों को अरेस्ट किया है।
शिवदासपुरा थाना पुलिस ने देर रात अवैध बजरी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए चंदलाई से दो ट्रक व तीन ट्रेक्टर-ट्रॉली जब्त किए है। पुलिस ने इस वाहनों के चालकों को भी अरेस्ट कर लिया है। सभी वाहन चालक बनास नदी से बजरी भरकर जयपुर सप्लाई के लिए ला रहे थे। रात्रि गश्त के दौरान पुलिस ने इन वाहनों को पकड़ कर खनन विभाग को कार्रवाई की सूचना दे दी है।
वहीं चाकसू थाना पुलिस ने आज सुबह नाकाबंदी के दौरान टूटोली के पास एक ट्रक को आता देखकर रूकने का इशारा किया तो चालक ट्रक लेकर भागने लगा। इस पर पुलिस ने पीछा कर वाहन आगे लगाकर ट्रक को रूकवा कर तलाशी ली तो उसमें बजरी भरी थी। इस पर पुलिस ने चालक को गिरफ्तार कर ट्रक को जब्त कर खनन विभाग को कार्रवाई की इत्तला दे दी है।
आखिर कैसे हो रहा है अवैध खनन
शहर के बाहर की कॉलोनियों में, आधी रात को बजरी से भरे वाहन आराम से देखे जा सकते है। पुलिस लगातार कार्रवाई भी कर रही है, लेकिन यहां सवाल ये उठ रहा है कि आखिर रोक के बाद भी बजरी का अवैध खनन हो कैसे रहा है। आखिर इसको क्यों नहीं रोका जा रहा है। वहीं शहरभर में हो रहे निर्माण कार्यों के दौरान जहां बजरी का उपयोग किया जा रहा है, उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है।