
जयपुर में फर्जी पहचान पत्र और फेसबुक पर फर्जी ID बनाकर लोगों को चूना लगाने वाले जालसाज अरुण शर्मा उर्फ 'आलू' उर्फ दातार सिंह को मुहाना थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी खुद को कभी स्पेशल टीम (CST) का पुलिसकर्मी तो कभी यूनिवर्सिटी का प्रोफेसर बताकर ठगी की वारदात को अंजाम देता था।
डीसीपी (साउथ) राजर्षि राज के अनुसार कागदीवाड़ा (ब्रह्मपुरी) निवासी अरुण बेहद शातिर अपराधी है और पहले भी जेल जा चुका है। वह फेसबुक पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर लोगों से दोस्ती करता और फिर ठगी का जाल बुनता था।
जयपुर जिले के मानसरोवर एसीपी हेमेन्द्र शर्मा ने बताया कि 21 जुलाई को मुहाना थाने में एक पीड़ित ने मामला दर्ज कराया था। आरोपी ने फेसबुक पर ‘इंजीनियर सुनील मीणा’ नाम से फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजकर खुद को परिचित बताया और काम दिलाने का झांसा देकर 62000 रुपए ऐंठ लिए। इसके बाद उसने एक व्यक्ति को फर्जी पुलिसकर्मी बनाकर पीड़ित के घर भेजा और केस का डर दिखाकर 60000 रुपए और वसूल लिए। आरोपी को पकड़ने में कांस्टेबल ओमप्रकाश डोबर व दामोदर सारण की अहम भूमिका रही।
फर्जी पुलिसकर्मी बनकर वसूली: मानसरोवर में केस दर्ज करने की धमकी देकर अनु सिंधी से 90000, सांगानेर में सट्टे का केस न बनाने के एवज में राहुल सिंह से 60000, नाहरगढ़ में विजय से 25000, सोडाला में शंकर सिंह से 20000 और वैशाली नगर में कुंदनलाल 35000 रुपए ऐंठे। इसके अलावा इस्कॉन रोड स्थित एक स्पा में भी फर्जी पुलिसकर्मी बनकर रुपए वसूले।
नौकरी का झांसा: ब्रह्मपुरी निवासी गिर्राज से 2.50 लाख, मुहाना के ललित गहलोत से 1.21 लाख और गलता गेट निवासी सुभाष से 1.50 लाख रुपये ठग लिए।
अंक बढ़ाने के नाम पर ऐंठ: राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय (आरटीयू) का प्रोफेसर बनकर रामनगरिया में छात्र अम्बर, अभिनव व जतीन से अंक बढ़ाने के नाम पर कुल 1.06 लाख रुपए वसूले।
अन्य ठगी: श्याम नगर में बिटकॉइन के पैसे निकालने का झांसा देकर बबीता से 50 हजार रुपए और नर्सिंग का काम दिलाने के नाम पर राहुल से 4500 रुपए ठग लिए। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर उसके पुराने मामलों और ठगी की अन्य वारदातों के बारे में जानकारी जुटा रही है।