राजस्थान कांग्रेस के कलह की छाया भारत जोड़ो यात्रा पर साफतौर पर नजर आई। कांग्रेस के बड़े नेताओं ने जल्द ही मामला सुलझाने का दावा तो किया, लेकिन इसका समाधान कब तक होगा यह नहीं बता पाए।
जयपुर। राजस्थान कांग्रेस के कलह की छाया भारत जोड़ो यात्रा पर साफतौर पर नजर आई। कांग्रेस के बड़े नेताओं ने जल्द ही मामला सुलझाने का दावा तो किया, लेकिन इसका समाधान कब तक होगा यह नहीं बता पाए। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल इस बात को लेकर उठा कि इस विवाद का राजस्थान में भारत जोड़ो यात्रा पर क्या असर होगा, क्योंकि मध्यप्रदेश के बाद राहुल गांधी के साथ भारत जोड़ो यात्रा राजस्थान की दहलीज पर पहुंचेगी।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सचिन पायलट के लिए गद्दार शब्द का इस्तेमाल करते हुए बयान देकर कांग्रेस में खलबली मचा दी है। यह बयान उस वक्त आया जब सचिन पायलट भारत जोड़ो यात्रा में राहुल और प्रियंका के साथ थे।
मध्यप्रदेश में यात्रा के तीसरे दिन कांग्रेस के माथे पर राजस्थान विवाद की शिकन साफ देखी जा सकती थी। हालांकि कांग्रेस ने इससे इनकार करते हुए कहा कि इस विवाद का यात्रा पर कोई असर नहीं होगा।
इधर, कन्हैया कुमार ने पायलट और गहलोत मामले को कांग्रेस का आंतरिक मामला बताया। गहलोत के बयान पर उनका कहना था वॉयस ऑफ डिसेंट होना कांग्रेस का लोकतांत्रिक पार्टी होने का स्पष्ट संकेत है।
कांग्रेस को गहलोत-पायलट दोनों की जरूरत: जयराम
सचिन पायलट के लिए गद्दार शब्द के प्रयोग पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने कहा, कुछ शब्द ऐसे इस्तेमाल किए गए हैं जो मुझे भी अप्रत्याशित लगे। मैं खुद हैरान हूं। मुख्यमंत्री कौन रहेगा इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि कांग्रेस को अशोक गहलोत और सचिन पायलट दोनों की जरूरत है। मुझे विश्वास है कि हमारा नेतृत्व एक हल ढूंढ निकालेगा जो संगठन को प्राथमिकता देकर गहलोत और पायलट दोनों को सही तरीके से इस्तेमाल करेगा। उन्होंने कहा कि जल्द ही पार्टी हाईकमान और कांग्रेस नेतृत्व इस मामले को सुलझा लेगा।