पोलो से बन गई पहचान
जयपुर . पोलो प्लेयर्स और पोलो ग्राउंड के कारण जयपुर पूरे देश में फेमस है। शहर के रामबाग पोलो ग्राउंड से कई पोलो खिलाड़ी निकल कर देश-विदेश में अपना नाम रोशन कर रहे हैं। ऐसे ही पोलो खिलाड़ी हैं सी-स्कीम के शमशीर अली। मूलत: हैदराबाद के रहने वाले शमशीर पिछले कई सालों से पोलो खेल रहे हैं। इसी के साथ वे घोड़ों से भी बेहद लगाव रखते हैं, जिसके चलते उनका परिवार 38 घोड़े भी पाल रहा है। पहले भी रामबाग पोलो ग्राउंड भारतीय पोलो के स्टार धु्रवपाल गोदारा, सिमरन शेरगिल और अभिमन्यु पाठक जैसे खिलाडिय़ों के कारण चर्चा में रहा है।
हर भाई के पास घोड़े
शमशीर ने बताया कि उनके 3 भाई हैं। जिनके पास वर्तमान में 38 घोड़े हैं। इसमें से 14 उनके पास हैं। दूसरे भाई बशीर के 16 और हमजा के पास 8 घोड़े हैं। इन घोड़ों को भी ये परिवार का ही हिस्सा मानते हैं और पूरा ध्यान रखते हैं। इनके साथ रहते हुए ही पोलो से लगाव और भी गहरा होता चला गया।
जयपुर में भी हो एरिना पोलो
शमशीर मानते हैं कि पोलो अब इतना ज्यादा फेमस खेल नहीं है। लेकिन इसे फेमस किया जा सकता है। इसके लिए एरिना पोलो की जरूरत है। छोटे-छोटे मैदान पर पोलो खिलाया जाना चाहिए। हैदराबाद और दिल्ली में एरिना पोलो खेला जाता है।
पोलो के साथ बाइक्स से भी प्यार
पोलो खेलने के साथ शमशीर बाइक्स के भी शौकीन हैं। वे बताते हैं कि 2006 के बाद पिछले साल फिर से पोलो खेलाना शुरू किया था। उनका मानना है जयपुर में जितना प्यार मुझे मिला है उतना और कहीं नहीं मिला। मैं खुद भी दर्शकों के साथ काफी घुल-मिल जाता हूं। अपने प्रशंसकों का हमेशा अभिवादन करता हूं।
सात साल से घोड़े की सवारी
शमशीर बताते है कि उनके पिता हैदराबाद के रहने वाले थे और खुद पोलो खेलना चाहते थे।परिस्थितियों के कारण वे खुद पोलो नहीं खेल सके, लेकिन पिता ने सात साल की उम्र में ही शमशीर के हाथ में घोड़ा थमा दिया। जो उनके परिवार का हिस्सा तो बना ही साथ में उनके जीवन का भी हिस्सा बन गया। खेल के प्रति प्रेम को देखते हुए दर्शक भी इस हैदराबादी खिलाड़ी को भी उतना ही प्यार करते हैं, जितना लोकल खिलाडिय़ों को करते हैं। इस साल भी वे जयपुर पोलो सीजन में 44 गोल दाग चुके हैं।