
जयपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के छोटे भाई प्रहलाद मोदी मंगलवार को हरिद्वार जाने के दौरान जयपुर कमिश्नरेट की सीमा में निर्धारित सुरक्षा नहीं दिए जाने पर नाराज हो गए। विरोधस्वरूप वे बगरू थाने के बाहर सड़क पर बैठ गए। सूचना पर पहुंचे आला अधिकारियों ने इंटेलीजेंस से मिले पत्र का हवाला देते हुए दो पीएसओ देने की रजामंदी दी। करीब तीन घंटे चले घटनाक्रम के बाद विवाद थमा। जयपुर में होटल पहुंचने पर उनसे पूरे घटनाक्रम पर बात की हमारे संवाददाता दिनेश गौतम ने
सवाल - अचानक राजस्थान आए और फिर विवाद हुआ, घटनाक्रम को कैसे देखते है?
जवाब - 15 दिन पहले मेरी पत्नी का देहांत हो गया था। इसलिए हरिद्वार परिवार वालों के साथ जा रहा था। जयपुर पुलिस ने सुरक्षा को लेकर बेवजह इतना बढ़ा मामला खड़ा कर दिया। ये कोई इश्यू ही नहीं था, लेकिन पता नहीं क्यों पुलिसकर्मियों ने बढ़ाया।
सवाल - पुलिस का कहना है कि एस्कार्ट हासिल करने वालों की श्रेणी में आपका नाम नहीं है?
जवाब - मैंने कब एस्कार्ट मांगा है। जब हम घर से बाहर निकलते हैं तो हमें पूरी जानकारी इंटेलीजेंस को देनी होती है। उनकी तरफ से निर्देश है कि बगैर जानकारी दिए आप नहीं जाएंगे, आपको सभी जगह सुरक्षा मिलेगी। यहां पर भी मैंने सिर्फ सुरक्षा ही मांगी थी, जिसको लेकर यहां के कमिश्नर पता नहीं क्यूं मामले को जबरन खींच रहे थे।
सवाल - एस्कार्ट नहीं मांगा तो बात क्या हुई थी?
जवाब - अहमदाबाद से निकले तो हमारी सुरक्षा के लिए एस्कार्ट दिया गया। इसके बाद उदयपुर में, अजमेर और जयपुर ग्रामीण में भी बात करने पर एस्कार्ट दे दिया गया, लेकिन कमिश्नरेट में घुसते ही कोई नहीं था। इस पर बात की तो उनका जवाब अच्छा नहीं था। विरोध में थाने के बाहर धरने पर बैठ गया।
सवाल - ऐसा तो नहीं सरकार बदल गई है, अब क्या करेंगे?
जवाब - देखिए सरकार बदलने से सुरक्षा पर कोई असर नहीं होता। ये काम प्रशासन का होता है। मैं इस घटनाक्रम को लेकर दुखी हूं। गुजरात लौटने पर जरूर सुरक्षा देने को लेकर कोर्ट में अपील करूंगा।
सवाल - राजनीतिक घटनाक्रम को कैसे देखते है?
जवाब - मैं इसमें ज्यादा रूचि नहीं लेता। लेकिन पश्चिम बंगाल और असम की राजनीति को देखते हुए बड़ा बदलाव होने जा रहा है। 23 मई को परिणाम आने के बाद सबकुछ साफ हो जाएगा।