मरीजों की जिंदगी भी खतरे में डाल रहे निजी अस्पताल बिना जरूरत कर रहे धड़ाधड़ ऑपरेशन
जयपुर।
राज्य की महत्वाकांक्षी योजनाओं में एक भामाशाह योजना जिसके जरिये जहां राज्य के सभी परिवारों को एक साथ जोड़ा है ताकि राज्य के लोगों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से मिल पाएं। पर अब प्रदेश में भामाशाह योजना के नाम पर सबसे बड़ी धांधली चल रही है। निजी अस्पताल मरीजों के कार्ड पर मोटी कमाई कर रहे है।
भामाशाह योजना के तहत जिसमे हर गरीब का इलाज सोचा गया ताकि कोई गरीब लाइलाज ना रहे। लेकिन सरकार भूल गई देश में ऐसी भी एक बीमारी है जिसका कोई इलाज नहीं ,ला इलाज है वो है भष्ट्राचार। जो अच्छे- अच्छे भामाशाहों की जेबों को खाली कर दे। सरकार की इस योजना का भी यही हाल हुआ,कभी नकली चोट लगाकर असली एफआईआर दर्ज करवाने वाले या डॉक्टर इस योजना में इसी कारनामे को अंजाम दिया।
सरकार सालाना करती है 1000 करोड़ से भी अधिक खर्च
प्रदेश में संचालित भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना पर सरकार सालाना 1000 करोड़ से भी अधिक खर्च करती आ रही है। योजना में अधिक से अधिक मरीजों को लाभ मिले, इस उद्देश्य से इस योजना पर पिछली सरकार का फोकस रहा। लेकिन कुछ निजी अस्पताल योजना के नाम पर चांदी कूटने का काम कर रहे हैं। कई मामलों में तो कुछ अस्पताल मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ करने से भी नहीं चूक रहे।
डॉक्टरों ने फर्जी चीरा लगाकर दिखा दिया ऑपरेशन
राजधानी के एक निजी अस्पताल में झालावाड़ से उपचार कराने आई महिला को तो डॉक्टरों ने फर्जी चीरा लगाकर ऑपरेशन दिखा दिया। जबकि बाद में सीटी स्केन में पता चला कि उसका तो कोई ऑपरेशन ही नहीं हुआ। भाजपा सरकार के समय शुरू इस योजना में पहले भी फर्जी क्लेम उठाए जा चुके हैं। जांच के बाद कई अस्पताल को प्रतिबंधित व योजना से बाहर करने की कार्रवाई भी हुई। अब फिर कुछ निजी अस्पताल गरीब मरीजों को अंधेरे में रखकर और उनकी जान से खिलवाड़ कर रहे है।