नई दिल्ली। जीएसटी रिटर्न ( GST returns ) फाइल नहीं करना महंगा पड़ सकता है। रिटर्न फाइल नहीं ( not filing ) करने पर अगर नोटिस जारी किया जाता है और उसको गंभीरता से नहीं लेते हैं तो डिपार्टमेंट आपकी प्रोपर्टी ( property ) और बैंक अकाउंट ( bank account ) अटैच कर सकता है। सूत्रों के मुताबिक, नए नियम को हरी झंडी मिल चुकी है। ऐसा इसलिए किया गया है, क्योंकि जीएसटी रिटर्न फाइल ( file returns ) करने में कोताही नहीं बरते।
रिपोर्ट के मुताबिक करीब एक करोड़ जीएसटी रजिस्ट्रेशन वाले समय पर रिटर्न फाइल नहीं कर रहे हैं। नया नियम जीएसटी अधिकारियों को यह अधिकार देता है कि रिटर्न फाइल करने में लगातार नोटिस को अनदेखा करने पर वह कार्रवाई के रूप में आपकी संपत्ति और बैंक अकाउंट को अटैच कर सकता है।
आखिरी तारीख से तीन दिन पहले प्रक्रिया शुरू होगी
टैक्स अधिकारियों से कहा गया है कि वह फाइनल रिटर्न भरने की आखिरी तारीख से तीन दिन पहले ही प्रक्रिया की शुरुआत कर दे। हर महीने की 20 तारीख रिटर्न भरने की आखिरी तारीख होती है। 20 तारीख तक रिटर्न नहीं भरे जाने पर सिस्टम जेनरेटेड मैसेज सभी डिफॉल्टर को भेजा जाएगा। इसके अलावा सिस्टम संबंधित अधिकारियों को भी इसकी सूचना देगा।
रिटर्न फाइल नहीं करने के पांच दिन बाद मिलेगा नोटिस
अब मंथली रिटर्न जीएसटीआर-3बी फाइल नहीं करने पर पांच दिन बाद नोटिस भेजा जाएगा। फिर भी फाइलिंग नहीं होने पर 15 दिन बाद असेसमेंट नोटिस दिया जाएगा। उसके बाद भी रिस्पॉन्स नहीं मिलने पर अधिकारी असेसी के उपलब्ध रिकॉर्ड या डेटा के आधार असेसमेंट कर 30 दिन बाद टैक्स डिमांड निकाल सकता है। पहले इस तरह के प्रावधान वैट और सर्विस टैक्स में हुआ करते थे, लेकिन जीएसटी में इसे हटा दिया गया था, लेकिन रिटर्न फाइल करने में लचर रवैये के कारण सरकार ने फिर से इस नियम को शामिल किया है।