जयपुर

west bengal: मुख्यमंत्री आवास पर प्रदर्शन, चार गिरफ्तार

मुख्यमंत्री आवास के पास प्रदर्शन कर रहे एसएससी अभ्यर्थियों को पुलिस ने रविवार को गिरफ्तार कर लिया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि घटनास्थल पर तैनात सिविक वालेंटियरों ने उनके साथ दुव्र्यवहार किया है।
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Apr 18, 2022
west bengal: मुख्यमंत्री आवास पर प्रदर्शन, चार गिरफ्तार
सीएम आवास के पास प्रदर्शन करते लोग।

कोलकाता. मुख्यमंत्री आवास के पास प्रदर्शन कर रहे एसएससी अभ्यर्थियों को पुलिस ने रविवार को गिरफ्तार कर लिया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि घटनास्थल पर तैनात सिविक वालेंटियरों ने उनके साथ दुव्र्यवहार किया है। उधर अभ्यर्थियों की मांग को जायज ठहराते हुए उनके समर्थन में भाजपा और माकपा दोनों उतर गई है। दोनों पार्टियों के नेता रविवार को अभ्यर्थियों के प्रदर्शन कार्यक्रम में हिस्सा लिए।

भूख हड़ताल जारी

इधर, एसएससी शारीरिक शिक्षा-कार्य शिक्षा के अभ्यर्थियों का शहीद मीनार के पास दिया जा रहा धरना 10 वें दिन भी जारी रहा। चार दिन से भूख हड़ताल पर बैठे अभ्यर्थी मुख्यमंत्री आवास पर ज्ञापन सौंपने गए थे।

प्रदर्शनकारियों के मंच पर भाजपा, माकपा

एसएससी शारीरिक शिक्षा-कार्य शिक्षा के अभ्यर्थियों के गांधी प्रतिमा के नीचे चल रहे प्रदर्शन कार्यक्रम में रविवार की शाम को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार और माकपा नेता सायरा हलीम ने हिस्सा लिया। भाजपा नेता मजूमदार ने कहा कि राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को अपना आश्वासन पूरा करना चाहिए। उन्होंने इस वर्ग के अभ्यर्थियों को पदस्थापित करने का वायदा किया था। वहीं सायरा हलीम ने कहा कि प्रदर्शनकारियों की मांगे जायज है। माकपा उनके संघर्ष में भागीदार बनेगी।

शिक्षक भर्ती में धांधली के खिलाफ अनशनकारी चार परीक्षार्थी बीमार

बंगाल में एसएससी के तहत शिक्षक भर्ती के लिए मेधा तालिका में नाम के बावजूद नियुक्तिपत्र नमिलने को लेकर 10 दिनों से अनशन कर रहे परीक्षार्थी रविवार बीमार हो गए। उधर इस मामले में केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि इसमें किसी तरह की कोई लापरवाही न होनी चाहिए। नौकरी की मांग पर परीक्षार्थी भूख हड़ताल कर रहे। यह मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है। रविवार सुबह धर्मतला स्थित गांधी मूर्ति के समीप अनशनरत 4 परीक्षार्थी बीमार पड़ गये। उन्हें अस्पताल ले जाया गया। उम्मीदवारों ने कहा है कि वे नौकरी मिलने तक भूख हड़ताल जारी रखेंगे। यदि उन्हें नौकरी नहीं मिली तो वे जान दे देंगे। इस बीच मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि मैं इतना ही कहूंगा कि भविष्य की पीढ़ी को बनाने के लिए शिक्षक नियुक्ति में कोई लापरवाही नहीं हो। 2016 में अधिसूचना प्रकाशित हुई 2017 के परिणाम प्रकाशित किए गए। और उस मेरिट लिस्ट में उम्मीदवारों के नाम थे। लेकिन उन्हें नौकरी नहीं मिली।

Updated on:
18 Apr 2022 12:19 am
Published on:
18 Apr 2022 12:19 am