जन एकता, जन अधिकार, जन आंदोलन की आमसभा
जयपुर। राज्य में समर्थन मूल्य पर फसलों की खरीद नहीं हो रही है। कई जिंसों का समर्थन मूल्य ही नहीं है और खरीद भी नही है। राज्य सरकार जो किसानों से फसले खरीद रही है उनको लेकर अनेक शर्ते भी लगा रही है। यह बात बुधवार को शहीद स्मारक पर जन एकता, जन अधिकार, जन आंदोलन राजस्थान की ओर से आयोजित सभा में किसान नेता अमराराम ने कही। अमराम ने कहा कि बेरोजगारों के 77 प्रतिशत परिवारों में एक भी नियमित वेतन वाला नहीं है। मंहगाई, पेट्रोल, डीजल, टैक्स में बढ़ोतरी जन विरोधी सरकार की और से जा रही है। भष्ट्राचार में भी केंद्र सरकार ने रिकॉर्ड तोड़े हैं। ललित मोदी , नीरव मोदी ने देश को चुना लगाया और सरकार भी उन्हीं को शह दे रही है। किसान नेता तारा सिंह सिद्धू ने कहा कि मोदी सरकार विदेशी पूंजीपतियों को फायदा पहुंचा रही है। विनिवेश के नाम पर बेशकीमती सम्पतियां पूंजीपतियों के हवाले की है। ई-मार्केटिंग के जरिए हर तबके पर हमला हो रहा है। मजदूरों और किसानों पर गोलियां बरसाई जा रही है। दलितों आदिवासी, अल्पसंख्यको और महिलाओं पर हमले बढ़ते जा रहे हैं। यहां तक की छोटी बच्चियों को भी नहीं बक्शा जा रहा है। निखिल डे ने कहा कि रेलवे भर्ती में एक लाख दस हजार पदों पर दो करोड़ अस्सी लाख आवेदन आते हैं। कानपुर में सफाईकर्मी भर्ती को लेकर सात लाख आवेदन आए, जिनमे 5 लाख ग्रेजुएट थे। पांच करोड़ बेरोजगार व्यक्तियों का एम्प्लॉईमेंट एक्सचेंज में नाम दर्ज है। यह सब दर्शाता है बेरोजगारी देश की सबसे बड़ी समस्या बनती जा रही है। केन्द्र सरकार की गलत नीति नोटबंदी, जीएसटी लागू करने से एक साल में 90 लाख रोजगार ? खत्म हुए है। कार्यक्रम के दौरान राज्यभर से आए 35 से ज्यादा जनसंगठनों के कार्यकताओं ने आम सभा में शिरकत की।
किसानों को मिले लाभ
सभा में वक्ताओं ने कहा कि कॉर्पोरेट घरानों में छूट साढ़े छह लाख करोड़ से ज्यादा दे रखी है। पूंजीपतियोंं पर 88 हजार करोड़ का कर्ज है। यदि उनसे यह रकम वसूल कर ली जाए तो किसानों का कर्ज काफी हद तक माफ हो सकता है।