
जयपुर। कार्तिक शुक्ल एकादशी के अवसर पर शुक्रवार को तीर्थराज पुष्कर (Tirtharaj Pushkar) का वराह घाट महाआरती से गूंज उठा। राजस्थान पत्रिका के अजमेर संस्करण के 21 वें स्थापना दिवस से जुड़े कार्यक्रमों की कड़ी में पुष्कर सराेवर (pushkar sarovar) में सैकड़ों श्रद्धालुओं, संत-महात्माओं ने वैदिक मंत्रोच्चार से पूजा-अर्चना, दीपदान और दुग्धाभिषेक किया।
रघुनाथ मंदिर के पंडित रविकांत शर्मा, चित्रकूट धाम के पाठकजी महाराज, विश्वमित्र जनसेवा संघ के संत डॉ. कृष्णानंद महाराज, होलीदड़ा के नृसिंह मंदिर के श्याम सुंदर शरण देवाचार्य , नगर पालिका अध्यक्ष कमल पाठक, उपाध्यक्ष शिव स्वरूप महर्षि, ज्योतिषाचार्य पंडित कैलाशनाथ दाधीच, पूर्व पालिकाध्यक्ष दामोदर शर्मा, टीकम शर्मा, पार्षद मुकेश कुमावत, दामोदर मुखिया, गारमेंट व्यवसायी लालचंद खत्री, दिनेश पंडित, पूनमचंद अजमेरा, पुष्कर नारायण शास्त्री मौजूद रहे। इसके साथ ही स्थापना दिवस से जुड़े कार्यक्रमों का समापन हुआ।
कलाकारों ने बिखेरी राजस्थानी छटा
कार्तिक मास की एकादशी के मौके पर देवस्थान विभाग व जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में निकाली गई आध्यात्मिक पदयात्रा में सामाजिक धार्मिक समरसता बरसी। शुक्रवार को मेला मजिस्ट्रेट सुखाराम पिंडेल, देवस्थान विभाग के सहायक आयुक्त गौरव सोनी, पालिकाध्यक्ष कमल पाठक ने पंडित कैलाशनाथ दाधीच के आचार्यत्व में विधिवत पूजन कर हरी झंडी दिखाकर पदयात्रा का शुभारम्भ किया। संतों का माला पहनाकर स्वागत किया गया।
इसके बाद सैनाचार्य अचलानंद के सानिध्य में बैण्डबाजों के साथ गुरुद्वारे से बावन भैरव मंदिर, ब्रह्म चौक से मेला मैदान तक आयोजित इस धार्मिक यात्रा मेें सभी धर्मों के लोगों ने अपने आराध्यों की आकर्षक झांकियों के साथ पदयात्रा में हिस्सा लिया। बांक्या की धुन पर नाचती कच्छी घोडी के कलाकार राजस्थानी छटा बिखेर रहे थे, तो राम-लक्ष्मण जानकी, वामन अवतार, भगवान गणेश, ब्रह्मा जी के मुखौटे धारण किए कलाकारों ने धार्मिक रंग बरसाया। महादेव का रूप धरे कलाकार ने श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित किया।
गायत्री शक्तिपीठ, जेएमएस विद्यालय, यूआरएम विद्यालय, तारामनी विद्यालय सहित अन्य विद्यालयों के सहयोग से यात्रा के साथ आकर्षक झांकियां निकाली गई। ऊंट शृंगाकर अशोक टाक का नखरालो ऊंट भी आकर्षण का केन्द्र बना रहा। यात्रा के मार्ग में जगह-जगह स्वागत द्वार लगाए गए। कस्बेवासियों ने पुष्पवर्षों के साथ संतों व यात्रियों का अभिनंदन किया। मारा सान्द्री सहित विदेशी महिला पर्यटकों ने भी यात्रा में हिस्सा लिया।