दिल्ली में रेप पीड़िता के परिवार की पहचान उजागर करने के मामले में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की परेशानियां बढ़ती नजर आ रही है। भाजपा के प्रदेश सचिव जितेंद्र गोठवाल ने मंगलवार को सेशन कोर्ट में राहुल गांधी के खिलाफ इस्तगासा दायर किया है। जिसे 11 अगस्त के लिए सूचीबद्ध किया है।
जयपुर।
दिल्ली में रेप पीड़िता के परिवार की पहचान उजागर करने के मामले में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की परेशानियां बढ़ती नजर आ रही है। भाजपा के प्रदेश सचिव जितेंद्र गोठवाल ने मंगलवार को सेशन कोर्ट में राहुल गांधी के खिलाफ इस्तगासा दायर किया है। जिसे 11 अगस्त के लिए सूचीबद्ध किया है।
अधिवक्ता दिनेश पाठक ने बताया कि दिल्ली के कैंट एरिया में नाबालिग लड़की के साथ हुए दुष्कर्म के बाद राहुल गांधी ने पीड़िता की मां के साथ मुलाकात की थी। इसके बाद गांधी ने अपने ट्विटर अकाउंट पर इस मुलाकात की फोटो को 4 अगस्त को अपलोड किया। जिसके कारण पीड़िता और उसके परिवार की पहचान सार्वजनिक हो गई। परिवाद में कहा गया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार किसी भी बलात्कार पीड़िता का नाम, पता, स्कूल और यहां तक कि उसके पड़ोस की जानकारी भी सार्वजनिक नहीं की जा सकती। परिवाद में ट्विटर को भी आरोपी बनाया गया है। परिवादी की ओर से पॉक्सो अधिनियम की धारा 23, आईपीसी की धारा 228, बाल संरक्षण अधिनियम की धारा 74 और आईटी एक्ट की धारा 67ए के तहत आरोप लगाए गए हैं.
सुप्रीम कोर्ट का भी दरवाजा खटखटाएंगे
गोठवाल ने बताया कि इस्तगासा में राहुल गांधी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और बाल संरक्षण अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की मांग की गई है। राहुल गांधी ने रेप पीड़िता परिवार से मुलाकात के बाद जिस तरह ट्विटर पर अपनी राजनीति चमकाने के लिए फोटो वायरल की, उससे दलित और पीड़ित परिवार की पहचान उजागर हुई, जो कानूनी दृष्टि से सही नहीं है। यदि न्याय नहीं मिला तो भाजपा हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट का भी दरवाजा खटखटाएगी।
इसलिए लेनी पड़ी कोर्ट की शरण
जितेंद्र गोठवाल के नेतृत्व में 5 अगस्त को अंबेडकर सर्किल से अशोक नगर थाना तक पैदल मार्च निकालकर राहुल गांधी के खिलाफ परिवाद दिया था। लेकिन पुलिस ने उसे दर्ज नहीं किया. ऐसे में मजबूर होकर गोठवाल को कोर्ट की शरण लेनी पड़ी है।