
जयपुर। प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम का मिजाज बदलने लगा है। गर्मी और उमस झेल रहे लोगों को बदले मौसम से कुछ राहत मिली है। बीकानेर में देर रात तेज हवाओं के बाद हल्की बूंदाबांदी का दौर जारी हो गया। साथ ही यहां बारिश के साथ चने के आकार के ओले भी गिरे। बारिश के बाद आमजन को गर्मी से राहत मिली है। नागौर सहित जोधपुर के लोहावट में भी मौसम का मिजाज बदला है। राजधानी जयपुर में भी आज तडक़े से फिर से छाए धूल के गुबार ने गर्मी के तेवर नर्म कर दिए। आज सुबह करीब 20 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चली पश्चिमी हवा के साथ हवा में घुली धूल से गर्मी का असर कम महसूस हुआ है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे में पूर्वोत्तर भागों में अंधड़ और छितराई बौछारें गिरने की संभावना जताई है।
साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम दिलाएगा गर्मी से राहत
मौसम विभाग के अनुसार उत्तरी हिमालय क्षेत्र में अगले चौबीस घंटे में उत्तरी पाकिस्तान की ओर से आ रहे पश्चिमी विक्षोभ और उत्तरी राज्यों में बन रहे साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम के असर से अगले 48 घंटे में गर्मी के तेवर नर्म रहने वाले हैं। लेकिन अंधड़ परेशानी का कारण बन सकता है।
बीकानेर
बीकानेर में पिछले कई दिनों से चल रही आंधी के बाद कल देर रात मौसम अचानक पलटा खा गया। देर रात तेज हवाओं के बाद हल्की बूंदाबांदी का दौर जारी हो गया। बीकानेर के अलावा नोखा, महाजन, जयमलसर, सिंथल सहित आसपास के क्षेत्र में बारिश हो रही है। अलसुबह से ही आसमान से बरस रही रिमझीम फुव्वारों ने मौसम को सुहावना बना दिया है। जिसके चलते आमजन को गर्मी से राहत मिली है।
जोधपुर
जोधपुर में भी मौसम का मिजाज बदलने लगा है। सोमवार को लोहावट कस्बे सहित आस-पास क्षेत्र में आसमान में बादलों ने डेरा जमाएं रखा है। यहां पर पिछले करीब एक सप्ताह से चल रहे धूलभरी आंधी के दौर के कमजोर होने के बाद आज अलसुबह से ही आसमान में बादलों की आवाजाही बनी हुई है। बादलो के छाने व हवाओं के चलने से लोगो को गर्मी से राहत मिली है। बादलों को देख अब लोगो को बारिश की उम्मीद जगी है।
जयपुर
जयपुर में आज सुबह धूलभरी हवाएं चली। हालांकि आज सुबह सात बजे शहर का अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ वहीं स्थानीय मौसम केंद्र ने आज शहर में
धूलभरी हवा चलने और छितराए बादलों की आवाजाही बने रहने की संभावना जताई है। जिसके कारण आज शहरवासियों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।
बारिश के साथ गिरे ओले, गर्मी से मिली राहत
महाजन कस्बे व आसपास के क्षेत्र में रविवार को हल्की बारिश हुई। बरसात से किसानों के चेहरों पर चमक लौट आई है। रविवार को मौसम बदला और शाम को करीब साढ़े 6 बजे कस्बे व क्षेत्र के कई गांवों में बरसात शुरू हो गई। कस्बे में करीब 10 मिनट तक बारिश हुई। बारिश के साथ चने के आकार के ओले भी गिरे।
जैसलमेर
144 घंटों से 52 किमी प्रति घंटे से चल ही आंधी, 5 लाख लोग प्रभावित
जैसलमेर में करीब 144 घंटे से चल रही आंधियों के कारण जिले के करीब 7 लाख लोग प्रभावित हुए। बुरे अनुभव वाले पहले चार दिन जैसलमेर जिले में इस बार करीब ढाई दशक बाद अंधडक़ा इतना लम्बा दौर चला है। लगातार चार-पांच दिनों तक अधिकतम 52 किलोमीटर की गति वाली हवाओं के साथ उडऩे वाली मिट्टी ने सैकड़ों विद्युत पोल गिरा दिए और ग्रामीण क्षेत्रों के साथ जिला मुख्यालय पर जगह-जगह लाइनों के टूटने से विद्युत आपूर्ति चरमरा गई। बिजली की लगातार आवाजाही के चलते पेयजल योजनाएं सीधे तौर पर प्रभावित हुई हैं। जैसलमेर में ही अधिकांश क्षेत्रों में 96 से 120 घंटों के अंतराल में पेयजल की आपूर्ति की जा सकी। ग्रामीण इलाकों में टैंकरों से जलापूर्ति का एकमात्र सहारा बन गया। थम गई रफ्तार धूल भरे अंधड़ के कारण जिले के सैकड़ों गांव-ढाणियों तक पहुंच मुश्किल हो गई है। ग्रामीण इलाकों की सडक़ों पर कईजगहों पर इतनी अधिक रेत जमा हो गई है कि वहां बसों का पहुंचना मुमकिन नहीं रह गया। यहां तक कि चौपहिया वाहनों को भी पहुंचने में दिक्कतें पेश आई। एक तरह से ग्रामीण अपने इलाकों में फंस कर रह गए। यह समस्या जिले के लगभग सभी ग्रामीण क्षेत्रों में इस बार बेहद विकट हो चुकी है।