जयपुर

Bomb Threat : ‘3 घंटे में उड़ा देंगे विधानसभा’, बम की धमकी से मचा हड़कंप, एंट्री गेट पर रोके गए गहलोत-जूली

राजस्थान विधानसभा, हाईकोर्ट और सेशन कोर्ट को सोमवार सुबह बम से उड़ाने की धमकी भरे ईमेल ने पूरी राजधानी में सनसनी फैला दी, जिसके बाद आनन-फानन में परिसर खाली कराए गए। हालांकि 3 घंटे के गहन सर्च ऑपरेशन के बाद कुछ संदिग्ध नहीं मिला।

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Apr 13, 2026

राजस्थान की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली जगह 'विधानसभा भवन' सोमवार को उस वक्त छावनी में तब्दील हो गई जब एक गुमनाम ईमेल ने हड़कंप मचा दिया। ईमेल में खुली चुनौती दी गई थी कि "3 घंटे में भवन को उड़ा देंगे।" इस सूचना ने न केवल सुरक्षा एजेंसियों के हाथ-पांव फुला दिए, बल्कि राजस्थान की कानून व्यवस्था पर एक बार फिर बड़े सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।

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11:10 AM: एक मेल... और मच गई अफरा-तफरी

सोमवार सुबह करीब 11:10 बजे राजस्थान विधानसभा सचिवालय के ऑफिशियल ईमेल आईडी पर एक संदेश फ्लैश हुआ। संदेश छोटा था लेकिन खौफनाक— "3 घंटे के अंदर विधानसभा परिसर को बम से उड़ा दिया जाएगा।"

सूचना मिलते ही हड़कंप मच गया। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी को तुरंत उनके आवास के लिए रवाना किया गया और पूरे स्टाफ को बाहर लॉन में शिफ्ट कर दिया गया।

हाईकोर्ट और सेशन कोर्ट भी रडार पर

जानकारी के अनुसार, धमकी केवल विधानसभा तक सीमित नहीं थी; ईमेल में राजस्थान हाईकोर्ट और सेशन कोर्ट का भी जिक्र था। तुरंत बम निरोधक दस्ता (BDS), डॉग स्क्वायड और भारी पुलिस जाब्ता मौके पर पहुंचा।

करीब 3 घंटे तक चप्पे-चप्पे की तलाशी ली गई। राहत की बात ये रही कि कोई भी संदिग्ध वस्तु नहीं मिली और पुलिस ने इसे एक 'हॉक्स कॉल' (अफवाह) करार दिया। लेकिन सवाल यह है कि बार-बार ऐसी धमकियां देने वालों की हिम्मत इतनी कैसे बढ़ गई?

गेट पर रोके गए गहलोत-जूली, भारी नाराजगी

बम की खबर मिलते ही स्थिति का जायजा लेने पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली को पुलिस ने सुरक्षा कारणों का हवाला देकर मुख्य द्वार पर ही रोक दिया। अंदर जाने की अनुमति नहीं मिलने पर दोनों नेताओं ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई। गहलोत ने इसे सरकार की विफलता और विपक्ष की आवाज को दबाने का प्रयास बताया।

राजस्थान विधानसभा। फोटो: पत्रिका

सरकार का इकबाल खत्म हो चुका है": गहलोत

मीडिया से बात करते हुए अशोक गहलोत ने सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा, ''लगातार धमकियां आ रही हैं, पहले हाईकोर्ट को मिली, फिर लोअर कोर्ट को और अब लोकतंत्र के मंदिर विधानसभा को। अगर पुलिस ने पिछले ईमेल भेजने वालों को पकड़ लिया होता, तो आज यह नौबत क्यों आती? यह सरकार की घोर लापरवाही है।"

गहलोत ने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर हमला करते हुए जैसलमेर की लूट और जयपुर में गर्भवती महिला के साथ हुई छेड़खानी की घटनाओं का जिक्र किया। उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को नसीहत देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री जी को अनावश्यक बयानबाजी के बजाय राजस्थान की सुरक्षा पर ध्यान देना चाहिए। जनता डरी हुई है और सरकार का इकबाल खत्म हो चुका है।

साइबर टीम के सामने बड़ी चुनौती

सुरक्षा एजेंसियों के लिए यह चिंता का विषय है क्योंकि फरवरी और मार्च के महीनों में भी हाईकोर्ट को इसी तरह के 5-6 धमकी भरे ईमेल मिल चुके हैं। अब तक पुलिस इन ईमेल के मुख्य नेटवर्क तक नहीं पहुंच पाई है। साइबर सेल इस ताजा ईमेल के आईपी एड्रेस को ट्रैक करने में जुटी है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि डार्क वेब या वीपीएन (VPN) के इस्तेमाल के कारण दोषियों तक पहुंचना मुश्किल हो रहा है।

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Updated on:
13 Apr 2026 04:42 pm
Published on:
13 Apr 2026 04:40 pm
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