
जयपुर। राजस्थान विधानसभा का माहौल बुधवार को पूर्व अनुमान के अनुसार ही हंगामेदार रहा। रीट मामले की जांच सीबीआइ से करवाने की मांग को लेकर विपक्ष पूरी तैयारी के साथ काली पट्टी बांध कर हाथों में बैनर लेकर सदन में पहुंचा। राज्यपाल कलराज मिश्र ने अभिभाषण से पहले संविधान की प्रस्तावना पढ़ी और इस दौरान सवा घंटे तक नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया के साथ सभी भाजपा विधायक काली पट्टी बांधकर हाथों में बैनर लिए खड़े रहे। विपक्ष की राज्यपाल से अपील थी कि वे सरकार को रीट मामले की जांच सीबीआइ से करवाने के निर्देश दें। अभिभाषण शुरू होते ही आरएलपी विधायक नारायण बेनीवाल ने इस मांग को लेकर जोर-जोर से बोलना शुरू कर दिया। बेनीवाल सहित आरएलपी के तीनों विधायक करीब 11.05 बजे वैल में आ गए। बेनीवाल ने बोलना जारी रखा और 11.15 बजे आरएलपी ने सदन से बहिर्गमन कर दिया। अभिभाषण के दौरान राज्यपाल ने दो बार विपक्ष को टोका कि आप सभी बैठ जाएं, तो अच्छा रहेगा। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के कहने पर एक बार सरकारी मुख्य सचेतक महेश जोशी ने भी विपक्ष के विधायकों को बैठने को कहा। पूरे अभिभाषण के दौरान गहलोत सहित पूरे सत्ता पक्ष ने जमकर मेज थपथपाईं। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सी.पी. जोशी ने नवनिर्वाचित वल्लभनगर विधायक प्रीति शक्तावत और धरियावद विधायक नगराज मीणा को शपथ दिलाई। सुर साम्रागी भारत रत्न लता मंगेशकर, सीडीएस विपिन रावत सहित पूर्व सांसदों एवं विधायकों को शोकाभिव्यक्ति दी गई और सदन की कार्यवाही को गुरुवार 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।
और मुस्कुरा दीं राजे
सदन की कार्यवाही के दौरान भले ही पक्ष और विपक्ष के नेता आमने—सामने नजर आए, लेकिन सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद नेताओं का अलग ही रूप नजर आया और वे एक दूसरे से हंसी मजाक करते नजर आए। एक ओर सीएम अशोक गहलोत और पूर्व सीएम वसुंधरा राजे एक दूसरे को अपने हाथों की लकीरें दिखाते रहे। वहीं खाद्य मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास भी भाजपा नेता वसुंधरा राजे के तारीफ करने में पीछे नजर नहीं रहे। खाचरियावास ने कहा कि मैडम, आपने वजन कम किया है, विपक्ष को आपसे और सत्ता पक्ष को गहलोत साब से फिट रहने की प्रेरणा लेनी चाहिए। खाचरियावास की यह बात सुन राजे ने मुस्कुराकर अपनी प्रतिक्रिया दी।