
गोविंद सिंह डोटासरा और मदन राठौड़। फोटो: पत्रिका
जयपुर। राजस्थान में नगरीय निकाय चुनाव की घोषणा के साथ ही भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने आ गई हैं। राज्य निर्वाचन आयोग ने बुधवार शाम 4 बजे प्रदेश की 309 नगरीय निकायों में चुनाव कार्यक्रम जारी कर दिया। इसके साथ ही सभी निकाय क्षेत्रों में तत्काल प्रभाव से आचार संहिता लागू हो गई। चुनाव की घोषणा होते ही भाजपा ने संगठन की तैयारियों और सरकार के विकास कार्यों को मुद्दा बनाने की बात कही है, जबकि कांग्रेस ने निकायों में लंबे समय से चले आ रहे अफसर राज, बजट और आरक्षण को लेकर सरकार पर निशाना साधा है।
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि पार्टी चुनाव के लिए पूरी तरह तैयार है। कार्यकर्ता लंबे समय से इसकी तैयारी में जुटे हैं और भाजपा का संगठन बूथ स्तर तक सक्रिय है। उन्होंने कहा कि पार्टी जनता के बीच सरकार के विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं को लेकर जाएगी।
राठौड़ के मुताबिक भाजपा का लक्ष्य प्रत्येक निकाय में मजबूत और प्रभावी नेतृत्व देना है। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं की मेहनत और जनता के विश्वास के आधार पर पार्टी अधिक से अधिक निकायों में जीत हासिल करेगी। भाजपा ने चुनाव को लेकर वार्ड स्तर तक माइक्रो मैनेजमेंट शुरू कर दिया है। सातों संभाग और जिला स्तर पर प्रभारियों की नियुक्ति के साथ निकाय और वार्ड स्तर की जिम्मेदारियां तय की जा रही हैं। संभावित प्रत्याशियों को लेकर फीडबैक भी लिया जा रहा है।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने चुनाव की घोषणा के बाद राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि निकायों में करीब पौने दो साल से जनप्रतिनिधियों के अधिकारों पर सरकार बैठी रही। डोटासरा ने कहा कि केंद्र से मिलने वाली करोड़ों रुपए की सहायता भी लैप्स हो गई। न निकायों को पर्याप्त बजट मिला और न जनता को राहत मिली। उन्होंने एससी, एसटी और ओबीसी आरक्षण को लेकर भी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि अब निकाय चुनाव में इनका सूफड़ा-साफ होना तय है।
राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार 10,245 शहरी वार्डों के लिए दो चरणों में मतदान होगा। पहले चरण में 5,550 वार्डों के लिए 9 सितंबर और दूसरे चरण में 4,695 वार्डों के लिए 11 सितंबर को मतदान होगा। मतगणना और परिणाम 14 सितंबर को घोषित किए जाएंगे। वार्ड पार्षदों के लिए नामांकन प्रक्रिया 27 अगस्त से शुरू होगी और 31 अगस्त तक नामांकन दाखिल किए जा सकेंगे।
निकाय प्रमुखों का चुनाव 21 सितंबर और उप प्रमुखों का चुनाव 22 सितंबर को होगा। इस बार दो से कम संतान की बाध्यता समाप्त कर दी गई है। दिव्यांग मतदाताओं को मतदान के लिए वाहन सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।
भाजपा और कांग्रेस के अलावा आरएलपी, आम आदमी पार्टी और बसपा भी चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी में हैं। आरएलपी ने प्रदेश और जिला स्तर पर चुनाव प्रबंधन समितियां बनाई हैं। आम आदमी पार्टी ने नगर निगमों के लिए चुनाव समितियां गठित की हैं, जबकि बसपा की प्रदेश इकाई भी तैयारियों में जुटी है। ऐसे में निकाय चुनाव में भाजपा-कांग्रेस के साथ तीसरे मोर्चे की सक्रियता भी मुकाबले को रोचक बना सकती है।
Updated on:
19 Aug 2026 10:41 pm
Published on:
19 Aug 2026 10:41 pm
