
जयपुर।
प्रदेश में इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी अपने विधायकों का जमीनी रिपोर्ट कार्ड उनके सामने पेश करेगी। इसके लिए 1 और 2 जुलाई को चूरू के सालासर में कांग्रेस का चिंतन शिविर होगा। इसमें कांग्रेस विधायकों के साथ-साथ विधानसभा चुनाव में प्रत्याशी रहे नेताओं को भी आमंत्रित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री गहलोत प्रदेश प्रभारी रंधावा, तीनों सह प्रभारी और पीसीसी चीफ डोटासरा मौजूद रहेंगे।
परफॉर्मेंस रिपोर्ट कार्ड और जमीन सर्वे पर होगी चर्चा
बताया जा रहा है कि चिंतन शिविर में विधायकों से वन टू वन संवाद के दौरान उनका परफॉर्मेंस रिपोर्ट कार्ड और जमीनी सर्वे सामने रखा जाएगा। विधायकों और विधानसभा चुनाव में प्रत्याशी रहे नेताओं से पूछा जाएगा कि उन्हें किस आधार पर टिकट दिया जाए और उनकी जीत का क्या फॉर्मूला है?
अगर सर्वे रिपोर्ट अच्छी नहीं है तो फिर उन्हें क्यों टिकट दिया जाए? वहीं यह भी बताया जा रहा है कि सरकार को समर्थन दे रहे हैं निर्दलीय विधायकों को भी शिविर में बुलाया गया है, लेकिन उनसे परफॉर्मेंस रिपोर्ट कार्ड को लेकर चर्चा नहीं होगी।
दो अलग-अलग सर्वे रिपोर्ट रहेगी आधार
सूत्रों की माने तो विधायकों की परफॉर्मेंस रिपोर्ट और जिताऊ चेहरों को लेकर एआईसीसी और मुख्यमंत्री गहलोत ने अपने-अपने स्तर पर सर्वे करवाए हैं। वन टू वन संवाद के दौरान रंधावा जहां एआईसीसी के सर्वे लेकर बैठेंगे तो मुख्यमंत्री अपने स्तर पर करवाए सर्वे की रिपोर्ट लेकर बैठेंगे।
फिर ब्लॉक-मंडल अध्यक्षों का लगेगा शिविर
1 व 2 जुलाई को 2018 के सभी 200 उम्मीदवारों का चिंतन शिविर सालासर में होगा। इसके बाद ब्लॉक और मंडल अध्यक्षों का शिविर होगा जब कि जुलाई के अंत में 51 हजार बूथ अध्यक्षों का चिंतन शिविर होगा। इन शिविरों में चुनाव को लेकर रणनीति बनाई जाएगी।