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शैलेन्द्र अग्रवाल / जयपुर। राजस्थान विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान बुधवार को किसानों को कर्जमाफी का लाभ देने के लिए तारीख घोषित करने की मांग को लेकर भाजपा के सदस्य हंगामा करते हुए वेल में पहुंच गए। इसके बाद उन्होंने सांकेतिक विरोध दर्ज कराने के लिए बहिर्गमन किया। भाजपा कांग्रेस दोनों के विधायक एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाते रहे। इस दौरान सदन में भाजपा विधायक किरण माहेश्वरी के पिछली सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाने पर विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी ने कहा कि भ्रष्टाचार का आरोप भी कोई आरोप होता है क्या?
ये हुआ पूरा मामला
भाजपा सदस्य किरण माहेश्वरी ने भी कर्जमाफी की पात्रता व प्रक्रिया के बारे में सवाल पूछा। उन्होंने कहा कि एक जनवरी को कर्जमाफी को लेकर कमेटी बन गई, उसने अब तक क्या किया कितनी बैठक हुई। क्या तारीख तय की है। किसानों को लग रहा है उनके साथ धोखा हुआ है। इस पर सहकारिता मंत्री आंजना ने जवाबी हमला किया कि धोखा देने का काम तो पिछली सरकार ने किया था। अब तो कर्ज माफ होगा। कमेटी की दो बैठक हो चुकी हैं और निर्णय हो चुका है। पिछली सरकार ने गलतियां की थी, वैसी गलतियां पुन: नहीं हों इसी कारण कमेटी का गठन किया गया। इसी दौरान संसदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल ने चुटकी ली कि विपक्ष के साथ धोखा तो जयपुर नगर निगम महापौर चुनाव में हुआ है? माहेश्वरी ने सहकारिता मंत्री द्वारा पिछली सरकार पर आरोप लगाने पर आपत्ति जताई तो विधानसभा अध्यक्ष सी पी जोशी ने कहा कि भ्रष्टाचार का आरोप भी कोई आरोप होता है क्या?