Rajasthan Paper leak Case : आरपीए, किशनगढ़ और जोधपुर पुलिस ट्रेनिंग सेंटर में प्रशिक्षण ले रहे कुछ और प्रशिक्षुओं के अलावा कई विभागों में नौकरी पा चुके लोग एसओजी के रडार पर आने वाले हैं।
ओमप्रकाश शर्मा/जयपुर। आरपीए, किशनगढ़ और जोधपुर पुलिस ट्रेनिंग सेंटर में प्रशिक्षण ले रहे कुछ और प्रशिक्षुओं के अलावा कई विभागों में नौकरी पा चुके लोग एसओजी के रडार पर आने वाले हैं।
एसओजी को पेपरलीक करने वाले जगदीश विश्नोई और पोरव कालेर गैंग के बाद अब हनुमान गैंग के पुख्ता सबूत हाथ लगे हैं। राजस्व विभाग में लिपिक के रूप में सरकारी नौकरी करने वाले हनुमान मीना ने कई विभागों की परीक्षाओं में डमी कैंडिडेट बिठाए थे। प्रारम्भिक जांच में सामने आया है कि उसने उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा 2021 में भी परीक्षार्थियों की जगह डमी कैंडिडेट बिठाए हैं।
इनमें अधिकतर टोंक, सवाई माधोपुर, करौली व आस-पास के जिलों के हैं। हनुमान अभी फरार चल रहा है। एसओजी ने उस पर पचास हजार रुपए का इनाम भी रखा हुआ है। वह इससे पहले एक भर्ती परीक्षा के मामले में ही कोटा में गिरफ्तार हुआ था। गिरफ्तार होने के बाद उसे निलम्बित कर उसका मुख्यालय भीलवाड़ा किया गया था। टोंक के अलीगढ़ निवासी हनुमान मीणा के खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।
गुप्त सूचना पर एसओजी ने 3 अप्रेल को आरपीए से प्रशिक्षु उपनिरीक्षक टोंक निवासी चेतन सिंह मीणा को गिरफ्तार किया था। हनुमान मीना ने उसके स्थान पर डमी कैंडिडेट बैठा कर परीक्षा दिलवाई थी। उसका सेंटर जयपुर की आइरिस कॉलेज में आया था। इसके बदले चेतन ने 15 लाख रुपए दिए थे। उसके हस्ताक्षर और फोटो की एफएसएल जांच कराई गई। रिपोर्ट में भी पुष्टि हो गई कि परीक्षा चेतन के स्थान पर किसी ओर ने दी थी। चेतन के पकड़े जाने के साथ ही हनुमान भूमिगत हो गया। चेतन की तरह कई और अभ्यर्थियों के स्थान पर डमी कैंडिडेट बैठे हैं। कई के नाम एसओजी को पता चल गए हैं, लेकिन उनसे पूछताछ हनुमान के पकड़े जाने के बाद ही होगी।
उपनिरीक्षक भर्ती परीक्षा पेपरलीक मामले में एसओजी 51 आरोपी गिरफ्तार कर चुकी है। इसमें 35 चयनित उपनिरीक्षक शामिल हैं। 33 ट्रेनिंग ले रहे थे तथा तीन ऐसे हैं जिन्होंने जॉइन नहीं किया था। आरोपियों में से 44 न्यायिक हिरासत में हैं तथा तीन थानोदारों सहित सात आरोपी एसओजी की रिमांड पर हैं। अभी तक जो गिरफ्तारी हुई है वह जगदीश विश्नोई व पोरव कालेर गिरोह से जुड़े आरोपी है। हनुमान गिरोह के सहयोग से नौकरी पाने वाला चेतन सिंह ही है।