जयपुर संभाग की 50 में से 24 सीटों पर उम्मीदवार घोषित किए हैं। भाजपा ने सिर्फ दो विधायकों के टिकट काटे हैं।
जयपुर। जयपुर संभाग की 50 में से 24 सीटों पर उम्मीदवार घोषित किए हैं। भाजपा ने सिर्फ दो विधायकों के टिकट काटे हैं। इनमें सबसे चौंकाने वाला नाम अलवर शहर में रिकॉर्ड वोटों से चुनाव जीतने वाले बनवारी लाल सिंघल का है। उनकी जगह भाजपा के वरिष्ठ नेता ओम माथुर के नजदीकी और भाजपा जिलाध्यक्ष संजय शर्मा को उम्मीदवार बनाया। सिंघल की छुट्टी उनके विवादित बयानों और भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते होना बताई जा रही है।
उधर, जयपुर शहर के दिग्गज और छठी बार के विधायक कालीचरण सराफ का टिकट फिलहाल पार्टी ने रोक दिया है।
सराफ अपने पुत्र के विवाद और भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे रहे हैं। यही वजह है कि उनका टिकट क्लीयर नहीं किया है। इसके अलावा उद्योग मंत्री राजपाल सिंह का भी नाम पहली सूची में नहीं आना चौकाने जैसा है। जयपुर के घोषित 10 टिकटों में मंत्री अरूण चतुर्वेदी, विधानसभा उपाध्यक्ष राव राजेन्द्र सिंह का नाम शामिल है।
सीकर में चिकित्सा राज्य मंत्री बंशीधर खंडेला समेत पांचों पुराने चेहरों पर पार्टी ने भरोसा जताया है। पार्टी ने दांतारामगढ़ सीट से पिछली बार मामूली अंतर से हारे हरीश कुमावत पर फिर से दावं खेला है। इसी तरह झुंझनूं जिले में घोषित पांच प्रत्याशियों में उदयपुरवाटी से शुभकरण चौधरी ही टिकट पाने में सफल रहे हैं।
पिलानी से पार्टी ने सात बार के विधायक सुंदरलाल (काका) को उनकी आयु की वजह से टिकट काटा है। अब उनकी जगह उनके पुत्र कैलाश मेघवाल को पार्टी का चेहरा बनाया है। सूरजगढ़ से पार्टी ने नए चेहरे को मौका देते हुए किसान मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष रहे सुभाष पूनिया को मौका दिया है। वहीं मुंडावर में दिवगंत पूर्व विधायक धर्मपाल चौधरी के पुत्र मंजीत चौधरी को उम्मीदवार बनाया है।
कोटपुतली में कांग्रेस के विधायक राजेन्द्र यादव और बस्सी में निर्दलीय अंजू धानका हैै। यहां पार्टी लगातार दो चुनाव हार चुकी है। ऐसे में पार्टी ने पहली लिस्ट में इन दोनों सीटों पर उम्मीदवार नहीं दिए हैं। जबकि सबकी नजरें सांगानेर पर टिकी हुई है, जहां फिलहाल घनश्याम तिवाड़ी विधायक है। यहां से अब भाजपा किसी नए चेहरे को मौका देगी।