
- अरविन्द सिंह शक्तावत
जयपुर। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष Amit Shah ने राजस्थान के बड़े नेताओं को दो टूक कहा कि पार्टी उसी को टिकट देगी जो जीत सकेगा। राजस्थान में सरकार फिर बनानी है। किसी को ‘ऑब्लाइज’ नहीं करना। इधर, वसुंधरा राजे ने भी साफ कर दिया है कि जो लोग पार्टी और उनके साथ लंबे समय से जुड़े हैं, उनकी अनदेखी उचित नहीं होगी। हमें सभी को साथ लेकर चलना उचित होगा। दोनों का मकसद राज्य में सत्ता बरकरार रखना है। फर्क बस इतना है कि शाह ग्राउंड रिपोर्ट के आधार पर प्रत्याशी चयन करने का सुझाव दे रहे हैं और Vasundhara Raje प्रदेश इकाई के पैनल में आए सभी प्रत्याशियों के पक्ष में खडी हैं।
सूत्रों के अनुसार शाह ने कहा कि टिकट उसी को दिया जाएगा जो जीत सकता है। हारने की स्थिति में मंत्री का भी टिकट कटेगा। सिर्फ इस आधार पर टिकट नहीं दिया जाएगा कि वो वरिष्ठ नेता या मंत्री है। राज्य की 200 सीटों पर पार्टी ने ग्राउंड सर्वे कराया है। सर्वे के आधार पर जो नतीजा आएगा उसे प्रत्याशी बनाया जाएगा।
शाह की तैयारी देख चौंके राजस्थान के नेता
राजस्थान के नेताओं ने करीब 85 सीटों पर सिंगल पैनल जब शाह को थमाया तो उन्होंने एक-एक सीट पर चर्चा शुरू कर दी। शाह ने पहले से जुटाई सूचनाओं के आधार पर सवाल-जवाब किए तो राजस्थान के नेता चौंक गए। शाह ने हर सीट पर 2013 से लेकर आज तक की स्थिति पर चर्चा की। कई सवालों का जवाब स्थानीय नेताओं के पास भी नहीं था।
शाह ने टीम राजस्थान को दिया होमवर्क
शाह ने प्रत्याशियों के चयन से पहले राजस्थान के बड़े नेताओं के साथ एक-एक सीट पर विस्तार से चर्चा करने की इच्छा जताई है। उन्होंने प्रदेश संगठन को निर्देश दिए कि इसके लिए विस्तृत तैयारी की जाए। उसके पॉइंट भी दिए हैं। उन्होंने कहा है कि इन बिन्दुओं के मद्देनजर नया पैनल तैयार किया जाए।
- हर सीट के जातिगत आंकड़े
- पिछले पांच साल में हुए काम
- 2013 के मतदान का रुख
- वर्तमान राजनीतिक और जातिगत स्थिति
- सामाजिक समीकरण
- जिसका टिकट काटोगे उसे खुश कैसे रखोगे?