जयपुर

Rajasthan BJP के इस सीनियर नेता की ‘दबंगई’ आई सामने, कारनामा ऐसा जिसे सुनकर हर कोई हैरान!

Rajasthan BJP leader Ex MLA Case : इस सीनियर मोस्ट नेता की 'दबंगई', कारनामा ऐसा जिसे सुनकर हर कोई हो रहा हैरान!

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Jun 20, 2023

जयपुर।

कोटा शहर का नजदीकी गांव धर्मपुरा इन दिनों काफी चर्चा में है। यहां डवलपमेंट के साथ ही जमीन के भाव भी बढ़ते गए और रसूखदारों का सैकड़ों बीघा सरकारी जमीन कब्जाने का खेल भी फलने-फूलने लगा। गंभीर यह है कि पहले 468 बीघा जमीन को कब्जा मुक्त कराया, लेकिन बाद में 743 बीघा जमीन कब्जा ली गई। नगर विकास न्यास ने अभी इस जमीन की बाजार कीमत 205 करोड़ रुपए आंकी है, जिसके भाव तीन साल पहले तक करीब 89 करोड़ रुपए ही थे।

यह भी कारण है कि कब्जा जमाए बैठे रसूखदार कब्जा हटाने की बजाय यूआईटी टीम को धमकाते रहे। इनमें पूर्व विधायक प्रहलाद गुंजल, उनके भाई और अन्य कब्जाधारी शामिल हैं। यूआईटी सचिव की ओर से 16 लोगों के खिलाफ नामजद मामला दर्ज कराया गया है।

यूआईटी अधिकारियों का दावा है कि यहां संभवतया पहला मामला है जब एक ही गांव में 1200 बीघा से ज्यादा सरकारी जमीन पर कब्जा कर लिया गया।

जवाब मांगते सवाल

- पहले टीम कब्जा हटाने की गई तो उसे फसल कटने के बाद आने के लिए क्यों कहा गया? क्या इस दौरान कुछ और प्लान था या चुनाव नजदीक आने के कारण कार्रवाई नहीं होने के लिए आश्वस्त थे।

- इतने कब्जे होते गए, लेकिन यूआईटी ने समय रहते कब्जे क्यों नहीं हटाए? डर था या कुछ और...?

- प्रहलाद गुंजल जनप्रतिनिधि रहे हैं और राजनीति में सक्रिय हैं। उन्हें पता है कि कौनसी जमीन सरकारी और कौनसी खातेदारी। इसके बावजूद कब्जा कैसे होता गया। क्या जमीन की आड़ में राजनीतिक वर्चस्व दिखाना चाह रहे हैं?

दो बार एक्शन, दोनों में गुंजल बने ‘विलेन’

1. 25 जून, 2020: देवनारायण पशुपालक एकीकृत योजना के लिए 105 हेक्टेयर जमीन में से 75 हेक्टेयर (468 बीघा) सरकारी थी, जिस पर स्थानीय लोगों का कब्जा था। कब्जा हटाने के लिए टीम पहुंची तो पूर्व विधायक प्रहलाद गुंजल और अन्य 50 लोगों ने मौके पर विरोध किया। गाली-गलौच कर टीम को धमकाया। धमकी दी कि- 'काम बंद कर देना नहीं तो वापस नहीं जा पाओगे'। उस समय गुंजल समेत कई लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई।

2. 3 जून, 2023: देवनारायण आवासीय योजना 119 हेक्टेयर (743 बीघा) जमीन पर सृजित की जानी थी, लेकिन इस पूरी जमीन पर कब्जा था। कब्जा हटाने के लिए यूआईटी पुलिस दस्ते के साथ पहुंची तो कब्जाधारियों ने अभियंता व टीम के अन्य सदस्यों के साथ मारपीट की। पूर्व विधायक प्रहलाद गुंजल ने फोन पर धमकाया कि- 'मेरा गांव है, जिंदा नहीं जा पाओगे'। 16 लोगों के खिलाफ नामजद और 40-50 अन्य के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया।

समझें: जमीन कब्जाने का खेलपहले यह रही जमीन दर यहां औसत 10 से 12 लाख रुपए प्रति बीघा की दर थी। मुख्य सड़क पर 15 लाख और अंदरुनी हिस्से में 8 से 10 लाख रुपए बीघा। वर्ष 2019 से पहले यहां किसी तरह की नई योजना नहीं थी।

अब महंगी हुई जमीन

जमीन की दर 25 से 30 लाख रुपए बीघा तक हो चुकी है। मुख्य सड़क पर 30 लाख और अंदरुनी हिस्से में 15 लाख रुपए बीघा। यानी दोगुना से ज्यादा जमीन दर हो गई।

इन तीन योजनाओं से बढ़ी कीमत

यूआईटी ने पहले देवनारायण पशुपालक एकीकृत योजना बनाई, जो पशुलपालकों के देश की सबसे बेहतरीन योजना है। इसके अलावा 3200 भूखंड की आवासीय योजना सृजित की जा रही है। इसी के पास रानपुर में नया शहर बसाने की योजना है। इसके लिए केन्द्र सरकार को प्रस्ताव भी भेजा जा चुका है। इसी कारण यहां जमीन की कीमत तेजी से बढ़ी है।

Published on:
20 Jun 2023 03:29 pm
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