जयपुर

राजस्थान: भजनलाल सरकार में राजनीतिक नियुक्तियों का ब्लूप्रिंट तैयार, वरिष्ठ नेताओं को मिलेगा मौका

राजस्थान में भाजपा सरकार के ढाई साल पूरे होते ही राजनीतिक नियुक्तियों की कवायद तेज हो गई है। करीब 100 बोर्ड, आयोग और निगमों में नियुक्तियां लंबित हैं। सत्ता-संगठन संतुलन, जातीय समीकरण और वरिष्ठ नेताओं को साधने पर फोकस है।
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May 12, 2026
Rajasthan BJP Prepares Political Appointment

जयपुर: राजस्थान की भाजपा सरकार के ढाई साल का कार्यकाल पूरा होने के साथ ही अब राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर सरकार और संगठन स्तर पर हलचल तेज हो गई है। राज्य स्तरीय बोर्ड, आयोग, प्राधिकरण, निगम, अकादमियों और विभिन्न विभागों में जल्द बड़े स्तर पर नियुक्तियों का दौर शुरू हो सकता है।

राजस्थान में यह परंपरा रही है कि किसी भी सरकार के ढाई से तीन साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद राजनीतिक नियुक्तियों के जरिए संगठन और सत्ता के बीच संतुलन साधने का प्रयास किया जाता है। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने भी 70 से अधिक नेताओं को राजनीतिक नियुक्तियां दी थी। इनमें 35 से अधिक नेताओं को कैबिनेट और राज्यमंत्री स्तर का दर्जा दिया गया था।

अब तक राज्य सरकार करीब 9 महत्वपूर्ण नियुक्तियां कर चुकी है, लेकिन अभी लगभग 100 से ज्यादा बोर्ड, आयोग, निगम, प्राधिकरण और यूआईटी में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष तथा सदस्य पद रिक्त चल रहे हैं।

सरकार ने अपने स्तर पर संभावित नामों का खाका तैयार कर लिया है और अब केवल केंद्रीय नेतृत्व की अंतिम सहमति का इंतजार है। एक दिन पहले मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष के साथ हुई मुलाकात के बाद नियुक्तियों को लेकर सियासी चर्चाओं ने और जोर पकड़ लिया है।

समीकरणों पर विशेष नजर

सूत्रों के मुताबिक, नियुक्तियों में केवल वरिष्ठता ही नहीं, बल्कि जातीय और क्षेत्रीय संतुलन को भी प्रमुख आधार बनाया जा रहा है। जिन सामाजिक वर्गों को मंत्रिमंडल में अपेक्षित प्रतिनिधित्व नहीं मिल पाया, उन्हें समायोजित करने की रणनीति तैयार की जा रही है।

इन बोर्ड और आयोगों में नियुक्तियां लंबित

राज्य महिला आयोग, पर्यटन विकास निगम, ओबीसी आयोग, राजस्थान स्टेट कृषि विपणन बोर्ड, माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, राजस्थान बुनकर संघ, राजस्थान खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड, पशुधन विकास बोर्ड, राज्य खेल परिषद, कर बोर्ड, युवा बोर्ड, आवासन मंडल, जन अभाव अभियोग निराकरण समिति, बीस सूत्रीय कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति, अल्पसंख्यक आयोग, बाल अधिकार संरक्षण आयोग, समाज कल्याण बोर्ड, वक्फ बोर्ड, बीज निगम, हज कमेटी, डांग विकास बोर्ड, मगरा विकास बोर्ड सहित कई अकादमियों और यूआईटी में लंबे समय से नियुक्तियां लंबित हैं।

ये वरिष्ठ नेता कतार में

पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया, अशोक परनामी, वरिष्ठ नेता राजेंद्र राठौड़, पूर्व सांसद रामचरण बोहरा, सुमन शर्मा, कुलदीप धनकड़, प्रभुदयाल सैनी, मुकेश दाधीच, श्रवण सिंह बगड़ी, लक्ष्मीकांत भारद्वाज, लालचंद कटारिया, ज्योति खंडेलवाल समेत कई वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक प्रमुख दावेदार माने जा रहे हैं।

इसके अलावा डॉ. रामप्रताप, अभिषेक मटोरिया, कनकमल कटारा, नारायण पंचारिया, अजयपाल सिंह, चंद्रकांता मेघवाल और संतोष अहलावत के नाम भी चर्चा में बताए जा रहे हैं। इसके अलावा चुनाव हारने वाले नेता भी कतार में हैं।

12 हजार से अधिक को समायोजित करने की तैयारी

सूत्रों का दावा है कि जिला से राज्य स्तर तक अनुमानित 12 हजार से अधिक नेता-कार्यकर्ताओं को विभिन्न स्तरों पर समायोजित किया जा सकता है।

Updated on:
12 May 2026 10:44 am
Published on:
12 May 2026 09:21 am