गहलोत सरकार के 17 दिसंबर को 4 साल पूरे होने पर बीजेपी प्रदेश भर में शुरू करेगी आंदोलन, 17 दिसंबर को काला दिवस पर मनाएगी प्रदेश बीजेपी, आक्रोश रैली में बीजेपी के केंद्रीय नेताओं को भी किया जाएगा आमंत्रित
जयपुर। 17 दिसंबर को एक ओर जहां सरकार के 4 साल पूरे होने परगहलोत सरकार जश्न मनाने की तैयारी में हैं तो वहीं प्रमुख विपक्षी दल बीजेपी गहलोत सरकार के 4 साल के कार्यकाल को कुशासन बताते हुए हल्ला बोल की तैयारी में है। प्रदेश भाजपा की ओर से गहलोत सरकार के 4 साल पूरे होने पर जिला- ब्लॉक और प्रदेश लेवल पर बड़े आंदोलन किए जाएंगे। आंदोलन की रूपरेखा भी अभी से ही तैयार की जा रही है।प्रदेश प्रभारी अरुण सिंह ने भी गहलोत सरकार के 4 साल पूरे होने पर प्रदेश भर में बड़े आंदोलन करने की बात कही है।
जयपुर में होगी प्रदेश स्तरीय आक्रोश रैली
गहलोत सरकार के 4 साल पूरे होने के विरोध में प्रदेश भाजपा की ओर से जयपुर में प्रदेश स्तरीय आक्रोश रैली का आयोजन किया जा रहा है। हालांकि आक्रोश रैली की तारीख अभी तय नहीं हुई है लेकिन माना जा रहा है 20 से 25 दिसंबर के बीच आक्रोश रैली का आयोजन किया जाएगा जिसमें तकरीबन 2 लाख से ज्यादा लोगों की भीड़ जुटाने का टारगेट रखा गया है।
इस आक्रोश रैली के जरिए ही बीजेपी अपना चुनावी कैंपेन की शुरू कर देगी। आक्रोश रैली में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, सहित कई केंद्रीय मंत्रियों को भी आमंत्रित किया जाएगा।
ब्लैक पत्र भी जारी करेगी बीजेपी
17 दिसंबर को गहलोत सरकार के 4 साल पूरे होने पर प्रदेश भाजपा की ओर से गहलोत सरकार के 4 साल के कार्यकालको कुशासन बताते हुए प्रदेश भाजपा की ओर से ब्लैक पत्र भी जारी किया जाएगा, जिसमें गहलोत सरकार की नाकामियों, सांप्रदायिक दंगों, बिगड़ती कानून व्यवस्था जैसे मुद्दे भी होंगे।
सभी 200 विधानसभा क्षेत्र में भी होंगे प्रदर्शन
बताया जा रहा है कि दिसंबर के पहले सप्ताह से ही सभी 200 विधानसभा क्षेत्रों में भी गहलोत सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए विरोध प्रदर्शन और धरने दिए जाएंगे। इसके अलावा मंडल और ब्लॉक स्तर पर भी आंदोलन होंगे।
अग्रिम संगठनों- प्रकोष्ठों को भी जिम्मेदारी
बताया जाता है कि गहलोत सरकार के 4 साल पूरे होने पर पार्टी के अग्रिम संगठनों भारतीय जनता युवा मोर्चा, महिला मोर्चा, किसान मोर्चा मोर्चा, अल्पसंख्यक मोर्चा सहित विभिन्न प्रकोष्ठों को भी अलग से जिम्मेदारी दी जा रही है जिसमें मोर्चा और प्रकोष्ठों की ओर से जिलों में धरने प्रदर्शन और आंदोलन किए जाएंगे। गौरतलब है कि प्रदेश में सवा साल के बाद विधानसभा चुनाव होने हैं, ऐसे में विधानसभा चुनाव के मद्देनजर भाजपा विरोध प्रदर्शनों के जरिए भी चुनावी कैंपेन का आगाज करेगी।
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