
जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने 2.56 घंटे के लम्बे बजट भाषण में बीच-बीच में शेरो-शायरी व विपक्ष पर रोचक कमेंट किए, जिससे सदन में हंसी गूंज गई। सीएम ने 27 बार पानी के घूंट भरे और घोषणाओं पर सत्ता पक्ष ने 125 बार मेज थपथपाई। गौरतलब है कि गहलोत ने पिछली बार 2.46 घंटे तक बजट भाषण पढ़ा था। गहलोत ने इस बार अपना पिछला रिकॉर्ड तोड़ दिया। नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने शुरुआत में रीट मामले की जांच सीबीआइ को सौंपने की मांग की, लेकिन विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी ने आपत्ति जता कर बैठा दिया। इसके बाद गहलोत ने बजट पढ़ना शुरू किया।
देखा और बोले मान गए आपको
मुख्यमंत्री गहलोत एक शेर सुना रहे थे, तभी उन्होंने वसुंधरा राजे की ओर देखा। फिर विपक्ष से कहा कि आप लोग कुछ तो दाद दो। वसुंधरा आई हैं, आप चुप-चाप बैठे हो, मजा ही नहीं आ रहा। वरना तो हंसी मजाक होती थी। पहले भी होती आई है। कुछ तो बोलो, कुछ कमेंट करो, पता नहीं क्या बात है। आज आप लोग पूरे डिसिप्लेन में हो। राजे की ओर देखते हुए कहा कि मान गए आपको। लेडीज का रुतबा तो आखिर होता ही है, देखो। इसके बाद शेर वापस पढ़ा, तो उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने दो बार इरशाद कहा।
आपकी प्रेरणा से बोलना सीखा
गहलोत ने बजट पढ़ना शुरू किया, तो पहला शेर पढ़ा और कहा कि वसुंधराजी से प्रेरणा लेकर ये (शेर) बोलना सीखा है। मैं कभी ऐसी बातें नहीं करता था। जब आप बजट पढ़ा करती थीं, तब शेर बोलती थीं। मैने इनसे प्रेरणा ली।
सीएम ने ये पढ़े शेर..
ना पूछो मेरी मंजिल कहां है
अभी तो सफर का इरादा किया है
ना हारूंगा हौसला उम्र भर
ये मैने किसी से नहीं खुद से वादा किया है
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न थके अभी पैर, न अभी हिम्मत हारी है
हौसला है जिंदगी में कुछ कर दिखाने का
इसलिए अभी भी सफर जारी है