राजस्थान विधानसभा के बजट सत्र (फरवरी 2026) में डीडवाना विधायक युनुस खान के एक बयान ने सियासी गलियारों में नई बहस छेड़ दी है। बजट पर चर्चा के दौरान उन्होंने सरकार के भीतर के 'नंबर गेम' और 'बजट कटौती' को लेकर ऐसे सवाल उठाए हैं, जिसने सीधे तौर पर कैबिनेट के तीन कद्दावर मंत्रियों की स्थिति पर उंगली उठा दी है।
राजस्थान विधानसभा में आय-व्यय अनुमान वर्ष 2026-27 पर चर्चा के दौरान निर्दलीय विधायक युनुस खान ने अपनी ही पुरानी पार्टी (भाजपा) की सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया है। खान ने आरोप लगाया है कि सरकार ने जानबूझकर उन विभागों के बजट में कटौती की है जिनके मुखिया एक ही विशेष समाज से आते हैं। उनके इस बयान ने सदन के भीतर और बाहर जातिगत और विभागीय राजनीति की चर्चाओं को गर्म कर दिया है।
विधायक युनुस खान ने सदन में अखबार की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD), आईटी विभाग और युवा खेल विभाग के बजट में पिछले वर्ष (2025-26) की तुलना में इस बार (2026-27) कटौती की गई है। उन्होंने इन विभागों के मंत्रियों के नामों को जोड़ते हुए एक बड़ा राजनीतिक सवाल खड़ा किया:
दीया कुमारी: उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री (जिनके पास PWD जैसे विभाग हैं)
गजेंद्र सिंह खींवसर: चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री
राज्यवर्धन सिंह राठौड़: आईटी और युवा एवं खेल मंत्री
युनुस खान ने कहा, "ये तीनों मंत्री संयोग से एक ही समाज (राजपूत) से आते हैं। क्या यह केवल संयोग है या सरकार का कोई नया प्रयोग कि इन्हीं के विभागों के पैसे काटे गए हैं?"
खान ने अपने संबोधन में अल्पसंख्यकों की उपेक्षा का मुद्दा भी चतुराई से पिरोया। उन्होंने कहा कि माइनोरिटी (अल्पसंख्यक) विभाग का बजट कम करना तो समझ में आता है क्योंकि उसके लिए कोई बोलने वाला नहीं है और उसे 'तुष्टीकरण' के नाम पर और भी कम किया जा सकता है। लेकिन सत्ता पक्ष के इन कद्दावर मंत्रियों के विभागों के बजट में कटौती की गूँज दूर तक जाएगी।
"ये तीन विभागों के आपने पैसे कम किए हैं, इसकी आग नीचे तक जाएगी। मैं आज सदन के माध्यम से सरकार को सचेत कर रहा हूँ।"
युनुस खान का इशारा साफ था कि क्या सरकार के भीतर कोई आंतरिक खींचतान चल रही है या फिर यह मुख्यमंत्री कार्यालय का इन मंत्रियों के प्रभाव को कम करने का एक 'प्रयोग' है। उन्होंने सरकार से पूछा कि जब विकास की बात हो रही है, तो PWD, IT और खेल जैसे बुनियादी और युवा केंद्रित विभागों के बजट में कमी क्यों की गई?
युनुस खान के इस बयान के बाद विपक्ष (कांग्रेस) ने भी सुर में सुर मिलाना शुरू कर दिया है। सदन में इस मुद्दे पर काफी देर तक तीखी नोकझोंक हुई। भाजपा के मंत्रियों ने हालांकि आंकड़ों के साथ इन आरोपों को खारिज करने की कोशिश की है, लेकिन 'जातिगत संयोग' वाले बयान ने इस बहस को नया रंग दे दिया है।
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