
rajasthan budget session 2022
जयपुर। राज्य विधानसभा में शुक्रवार को उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने स्थगन प्रस्ताव के जरिए डीडवाना युवती गैंगरेप का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि मामले में 6 फरवरी को पुलिस ने संदिग्ध व्यक्ति सुरेश को थाने में बुलाया और पूछताछ शुरू की। लेकिन कुछ ही देर में एक लग्जरी कार में आइदान नामक एक व्यक्ति सहित कुछ लोग आए और आरोपी को रिहा करा कर ले गए। इससे पुलिस पूछताछ भी अधूरी रही। मामला जब मीडिया में सुर्खियों में आया तो 10 तारीख को इसी व्यक्ति सुरेश को पुलिस ने पकड़ा और पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि युवती को मारने के इरादे से हमला कर गांव में पटक दिया था। पीड़ित महिला 6 दिन तक तड़पती रही और फिर दम तोड़ दिया। पुलिस ने जिस दिन सुरेश को पकड़ा था, उसी दिन सख्ती से पूछताछ की जाती तो शायद यह नौबत नहीं आती। सरकार ने इस मामले में एक सीआई और हेड कांस्टेबल को निलंबित किया, जबकि जो लोग आरोपी को छुड़ाकर ले गए थे, उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। कानून के मुताबिक इन लोगों के ऊपर भी मुकदमा दर्ज होना चाहिए और इस मामले में जो अन्य लोग अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं, उनके भी चेहरे बेनकाब किए जाने चाहिए।
गौरतलब है कि राजस्थान विधानसभा में बिना तैयारी के पहुंचे गोपालन मंत्री नंदी प्रमोद जैन भाया नंदी गौशाला के लिए बजट प्रावधान और भू-आवंटन के मामले में सदन में घिर गए। विधायक सुभाष पूनिया के प्रश्न पर जवाब स्पष्ट नहीं मिलने पर बीच में ही नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने बोलना शुरू किया। तब विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी ने आपत्ति जताई और मंत्री को अपनी पूरी बात करने के बाद बोलने को कहा। जब विपक्ष के अन्य सदस्य भी बोलने लगे, तो जोशी ने अगला प्रश्न पुकार लिया। इस पर नाराज विपक्ष ने सदन से बहिर्गमन किया।