
देश भर में प्रतियोगी परीक्षाओं, नीट (NEET) और विभिन्न भर्तियों में पेपर लीक धांधली को लेकर चल रहे भारी विरोध-प्रदर्शनों और छात्रों के आक्रोश के बीच केंद्र सरकार की कैबिनेट नियुक्ति समिति (ACC) ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फैसला लिया है। केंद्र सरकार ने केंद्रीय उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी को पद से हटाकर पंचायती राज मंत्रालय में स्थानांतरित कर दिया है और उनके स्थान पर राजस्थान कैडर के 1994 बैच के वरिष्ठ IAS अधिकारी नरेश पाल गंगवार को उच्च शिक्षा विभाग, शिक्षा मंत्रालय का नया सचिव नियुक्त किया है।
राजस्थान में लंबे समय तक जिला कलेक्टर और प्रमुख शासन सचिव जैसे अहम पदों पर काम कर चुके नरेश पाल गंगवार की यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं और पूरे देश में परीक्षा प्रणाली में कड़े सुधारों की मांग की जा रही है।
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) और उच्च शिक्षा प्रणाली में सुधार को लेकर अब सभी की निगाहें नरेश पाल गंगवार की नई कार्यशैली पर टिकी हैं।
परीक्षाओं में पारदर्शिता: देश भर में आयोजित होने वाली राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षाओं और भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक को पूरी तरह से रोकना और फुलप्रूफ सिक्योरिटी मॉडल लागू करना।
छात्रों और युवाओं का भरोसा बहाल करना: पिछले कुछ समय से परीक्षाओं में हुई धांधली के कारण निराश हुए करोड़ों अभ्यर्थियों और युवाओं का विश्वास फिर से परीक्षा प्रणाली पर कायम करना।
NTA का पुनर्गठन: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के कामकाज की समीक्षा करना और उसमें आवश्यक तकनीकी व प्रशासनिक बदलावों को लागू करना।
देश भर में नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी को लेकर पिछले कई हफ्तों से लगातार राजनीतिक और छात्र संगठनों का प्रदर्शन जारी था। मोदी सरकार पर परीक्षाओं की पारदर्शिता को लेकर संसद से लेकर सड़कों तक चौतरफा दबाव बन रहा था।
इसी प्रशासनिक दबाव और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की साख पर उठे सवालों के बीच 1992 बैच के आईएएस अधिकारी विनीत जोशी को उच्च शिक्षा विभाग से हटाकर पंचायती राज मंत्रालय में सचिव के रूप में भेज दिया गया है।
केंद्र सरकार का यह कदम देश के लाखों परीक्षार्थियों और युवाओं को यह संदेश देने की कोशिश है कि परीक्षा संचालन व्यवस्था में जवाबदेही और बड़े सुधार किए जा रहे हैं।
शिक्षा मंत्रालय जैसे संवेदनशील विभाग में सचिव पद की जिम्मेदारी संभालने वाले नरेश पाल गंगवार भारतीय प्रशासनिक सेवा में एक बेहद प्रतिष्ठित और अनुभवी अधिकारी माने जाते हैं।
राजस्थान कैडर से जुड़ाव: नरेश पाल गंगवार 1994 बैच के राजस्थान कैडर के आईएएस अधिकारी हैं।
ढाई दशक का राजस्थान में अनुभव: केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने से पहले उन्होंने लगभग 25 वर्षों तक राजस्थान के विभिन्न जिलों और राज्य सरकार के महत्वपूर्ण विभागों में अपनी सेवाएं दी हैं।
पशुपालन विभाग से तबादला: इस नई नियुक्ति से ठीक पहले तक वे केंद्र सरकार में मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के तहत पशुपालन और डेयरी विभाग में सचिव के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे।
आईएएस नरेश पाल गंगवार की शैक्षणिक पृष्ठभूमि बेहद मजबूत और तकनीकी दृष्टि से समृद्ध है, जो उन्हें इस पद के लिए सबसे योग्य बनाती है।
IIT रुड़की से बी.टेक: उन्होंने रुड़की विश्वविद्यालय (जो अब आईआईटी रुड़की है) से इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में बी.टेक (B.Tech) की डिग्री हासिल की।
IIT दिल्ली से एम.टेक: इसके बाद उन्होंने देश के प्रतिष्ठित संस्थान आईआईटी दिल्ली (IIT Delhi) से कम्युनिकेशन एंड रडार इंजीनियरिंग में एम.टेक (M.Tech) किया।
राजस्थान यूनिवर्सिटी से एम.ए: प्रशासनिक सेवा में आने के दौरान उन्होंने राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर से इकोनॉमिक्स (Economics) विषय में एम.ए (M.A) की डिग्री भी प्राप्त की।
नरेश पाल गंगवार का राजस्थान में प्रशासनिक ट्रैक रिकॉर्ड बेहद शानदार रहा है, जहां उन्होंने राज्य के विकास से जुड़ी कई नीतियों को धरातल पर उतारा।
जिला कलेक्टर के रूप में काम: वे राजस्थान के कई प्रमुख जिलों में जिला कलेक्टर और जिला मजिस्ट्रेट (DM) के रूप में तैनात रहे, जहां उन्होंने जमीनी स्तर पर प्रशासनिक कार्यकुशलता दिखाई।
राजस्थान सोलर पॉलिसी के सूत्रधार: वर्ष 2010 से 2014 के दौरान जब जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय सौर मिशन का शुरुआती चरण था, तब उन्होंने राजस्थान सरकार में प्रमुख सचिव रहते हुए राज्य में सौर ऊर्जा के विकास के लिए दूरगामी नीतियां तैयार करने में सबसे मुख्य भूमिका निभाई थी।
पर्यावरण मंत्रालय में योगदान: दिसंबर 2020 में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर आने के बाद उन्होंने पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय में संयुक्त सचिव और अतिरिक्त सचिव के रूप में काम करते हुए प्रदूषण नियंत्रण और खतरनाक कचरा प्रबंधन पर ठोस नीतियां बनाईं।