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Re-NEET : ये क्या, अब फर्जी और AI जनरेटेड OMR शीट्स ! जाली डॉक्यूमेंट्स देखकर उड़े NTA के होश, अब होगा सख्त एक्शन

री-नीट यूजी 2026 में फर्जी और AI जनरेटेड ओएमआर शीट से शिकायत दर्ज कराने का बड़ा खुलासा हुआ है। एनटीए (NTA) ने फर्जी दस्तावेज देने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की सख्त चेतावनी दी है।
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कोटा

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Nakul Devarshi

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Updated: 20 Jul 2026, 11:35 AM IST

Re NEET UG 2026 OMR Scrutiny Fraud NTA Warns Legal Action

Re NEET UG 2026 OMR Scrutiny Fraud - AI Image

देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा री-नीट यूजी 2026 के परिणामों और अंकतालिका को लेकर शुरू हुआ विवाद अब एक बेहद चौंकाने वाले मोड़ पर पहुंच गया है। राजस्थान के शिक्षा और कोचिंग हब कोटा से सामने आई ताजा रिपोर्ट के अनुसार, परीक्षा में अंक कम आने या विसंगतियों की शिकायत दर्ज कराने वाले कई अभ्यर्थियों की जांच के दौरान नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को भारी संख्या में फर्जी, एडिटेड और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से तैयार की गई ओएमआर शीट्स मिली हैं। इस बड़े फर्जीवाड़े के सामने आने के बाद एनटीए ने देश भर के विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को सख्त लहजे में सचेत किया है।

एजेंसी ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि स्क्रूटनिंग या शिकायत प्रक्रिया के दौरान किसी भी अभ्यर्थी द्वारा जाली या एआई की मदद से तैयार किए गए फर्जी दस्तावेज जमा कराए जाते हैं, तो उनके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी और पुलिस में मामला दर्ज कराया जाएगा।

स्क्रूटनिंग में AI जनरेटेड ओएमआर शीट्स

री-नीट यूजी 2026 के रिजल्ट जारी होने के बाद कई अभ्यर्थियों ने अपने संभावित अंकों और एनटीए द्वारा जारी की गई आधिकारिक ओएमआर शीट के बीच भारी अंतर होने का दावा किया था।

जब एनटीए ने इन शिकायतों की प्राथमिक जांच और स्क्रूटनिंग शुरू की, तो तकनीकी विशेषज्ञों के भी होश उड़ गए। जांच में पाया गया कि शिकायत दर्ज कराने के लिए पोर्टल या ईमेल पर भेजी गई कई ओएमआर शीट्स मूल रूप से एनटीए के डेटाबेस से मेल ही नहीं खाती हैं।

कई मामलों में ओएमआर शीट्स को फोटो एडिटिंग सॉफ्टवेयर और एआई टूल्स की मदद से इस तरह एडिट किया गया था कि छात्रों के कट-ऑफ से ज्यादा नंबर दिखे। एनटीए के अधिकारियों ने साफ किया है कि डिजिटल रिकॉर्ड्स और फिजिकल डेटा की तुलना करने पर इन नकली दस्तावेजों की पोल तुरंत खुल जाती है।

मूल OMR के आधार पर ही करें शिकायत : NTA

फर्जीवाड़े की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने नीट अभ्यर्थियों और उनके माता-पिता के लिए एक आधिकारिक परामर्श जारी किया है।

एजुकेशन एक्सपर्ट देव शर्मा के अनुसार, एनटीए ने छात्रों से कहा है कि वे किसी भी तरह के भ्रम या सोशल मीडिया पर चल रहे भ्रामक दावों में न आएं। यदि किसी अभ्यर्थी को अपने अंकों में कोई वास्तविक विसंगति नजर आती है, तो वे केवल और केवल अपनी मूल ओएमआर शीट और रिकॉर्डेड रिस्पॉन्स के आधार पर ही आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से आपत्ति दर्ज कराएं।

एनटीए ने चेतावनी दी है कि गलत मंशा से सिस्टम को गुमराह करने या एनटीए की छवि खराब करने के उद्देश्य से फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत करने वाले शिकायतकर्ताओं के खिलाफ सख्त कानूनी धाराओं में मामला दर्ज किया जाएगा।

जाली दस्तावेज पर होगी कानूनी कार्रवाई

मेडिकल प्रवेश परीक्षा की पवित्रता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए एनटीए अब पूरी तरह से सख्त रुख अपना चुका है। एजेंसी का मानना है कि फर्जी ओएमआर शीट्स के जरिए न केवल व्यवस्था को बाधित करने की कोशिश की जा रही है, बल्कि वास्तविक मेधावी छात्रों के समय और काउंसलिंग प्रक्रिया में भी अड़चन पैदा की जा रही है।

कानूनी विशेषज्ञों के मुताबिक, सरकारी दस्तावेज या परीक्षा रिकॉर्ड के साथ छेड़छाड़ और एआई की मदद से नकली ओएमआर शीट तैयार करना साइबर अपराध और धोखाधड़ी की श्रेणी में आता है। ऐसा करने वाले अभ्यर्थियों का न केवल री-नीट यूजी का अभ्यर्थन हमेशा के लिए रद्द किया जा सकता है, बल्कि उन्हें भविष्य में होने वाली सभी प्रतियोगी परीक्षाओं से डिबार (Debar) भी किया जा सकता है।

15 प्रतिशत ऑल इंडिया कोटा एमबीबीएस-बीडीएस काउंसलिंग का इंतजार

इस पूरे घटनाक्रम के बीच री-नीट यूजी 2026 में सफलता हासिल करने वाले लाखों उम्मीदवार अब मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में प्रवेश के लिए काउंसलिंग शुरू होने की राह देख रहे हैं।

सफल छात्र ऑल इंडिया 15 प्रतिशत कोटा एमबीबीएस (MBBS) और बीडीएस (BDS) काउंसलिंग शेड्यूल का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। एनटीए द्वारा शिकायतों की यह गहन जांच और सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद जल्द ही काउंसलिंग अथॉरिटी (MCC) द्वारा ऑल इंडिया सीट अलॉटमेंट का शेड्यूल जारी किए जाने की संभावना है।

एनटीए अधिकारियों का कहना है कि सत्यापन प्रक्रिया में तेजी लाई जा रही है ताकि योग्य विद्यार्थियों का शैक्षणिक सत्र समय पर शुरू हो सके।

अभ्यर्थियों और अभिभावकों के लिए संदेश

कोटा के एजुकेशन एक्सपर्ट्स ने भी सभी छात्रों और उनके अभिभावकों को सलाह दी है कि वे शॉर्टकट या किसी अनुचित साधन के बहकावे में न आएं। अगर आपने री-नीट यूजी 2026 की परीक्षा दी है और ओएमआर डाउनलोड की है, तो केवल एनटीए के आधिकारिक लॉगिन पोर्टल पर उपलब्ध डेटा को ही सही मानें।

किसी भी तीसरे पक्ष या सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एडिटेड ओएमआर टेम्पलेट्स का इस्तेमाल शिकायत दर्ज कराने के लिए न करें। थोड़ी सी लापरवाही या गलत कदम छात्र का पूरा करियर और भविष्य दांव पर लगा सकता है।

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