21 जुलाई 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

epaper_icon

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

Kota Weather : तीन दिन बाद सक्रिय होगा मानसून, कोटा में तेज बारिश की संभावना

19 जुलाई तक जिले में 35% कम बारिश, नमी खत्म होने से किसानों पर दोबारा बुआई का संकट, 23 से 27 जुलाई तक कोटा, उदयपुर, जोधपुर, बीकानेर, जयपुर, अजमेर और भरतपुर संभाग में मानसून सक्रिय रहने का अनुमान है।
2 min read
Google source verification
Kota Weather

Kota Weather

हाड़ौती समेत प्रदेश में मानसून एक बार फिर रफ्तार पकड़ने की तैयारी में है। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार 21 जुलाई से राजस्थान में मानसूनी गतिविधियां बढ़ने लगेंगी और 23 से 27 जुलाई के दौरान कोटा सहित अधिकांश संभागों में अच्छी बारिश होने की प्रबल संभावना है।

मौसम विभाग ने कोटा में अगले तीन दिनों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है।कोटा में दो दिन से बादल छाए हुए है, लेकिन बारिश नहीं हो रही है। सोमवार सुबह भी बादल छाए रहने से बारिश के आसार बने हुए हैं। हालांकि सुबह व दोपहर के समय कुछ छींटे गिरे, लेकिन गर्मी और उमस से लोगों को राहत नहीं मिली है। सोमवार को अधिकतम तापमान 32.9 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 28.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो एक दिन पहले की तुलना में करीब 1.1 डिग्री कम रहा।

मौसम विभाग के अनुसार मानसून ट्रफ लाइन सामान्य स्थिति में लौट आई है और बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी भरी हवाओं के सक्रिय होने से पूर्वी राजस्थान में बारिश का दौर तेज होगा। 21-22 जुलाई से कोटा, जयपुर, भरतपुर, अजमेर और बीकानेर संभाग में वर्षा की गतिविधियां और बढ़ेंगी। वहीं 23 से 27 जुलाई तक कोटा, उदयपुर, जोधपुर, बीकानेर, जयपुर, अजमेर और भरतपुर संभाग में मानसून सक्रिय रहने का अनुमान है।

किसानों का बुआई का गणित बिगड़ा

मानसून की सुस्ती का सबसे अधिक असर किसानों पर पड़ा है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार 19 जुलाई तक कोटा जिले में सामान्य 225.1 मिमी के मुकाबले केवल 146 मिमी बारिश हुई है, जो सामान्य से करीब 35 प्रतिशत कम है। अच्छी बारिश की उम्मीद में किसानों ने सोयाबीन, उड़द और अन्य खरीफ फसलों की बुआई कर दी, लेकिन बाद में बारिश नहीं होने और तेज धूप के कारण खेतों की नमी समाप्त हो गई। यदि अगले कुछ दिनों में अच्छी बारिश नहीं हुई तो किसानों को दोबारा बुआई करनी पड़ सकती है, जिससे उनकी लागत और आर्थिक बोझ दोनों बढ़ेंगे।