
राजस्थान में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने और भविष्य की पीढ़ियों को ग्रीन एनर्जी देने के लिए दो मील के पत्थर एक साथ पार किए गए हैं। जहां एक ओर राजस्थान विद्युत उत्पादन निगम की थर्मल इकाइयों ने अपनी पूरी क्षमता का इस्तेमाल करते हुए देश के इतिहास में सबसे बड़ा रिकॉर्ड बनाया है, वहीं दूसरी ओर अमेरिकी राज्य कैलिफोर्निया के साथ राजस्थान ने हाथ मिलाकर दुनिया को क्लीन एनर्जी का एक बहुत बड़ा संदेश दिया है।
ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने जयपुर में आयोजित एक वर्चुअल हस्ताक्षर समारोह में शिरकत करते हुए इस अंतरराष्ट्रीय तकनीकी साझेदारी और रिकॉर्ड उत्पादन का पूरा ब्यौरा साझा किया। सरकार का पूरा फोकस अब प्रदेश के आम लोगों को सस्ती, सुरक्षित और बिना किसी ट्रिपिंग के 24 घंटे निर्बाध बिजली पहुंचाने पर टिक गया है।
राजस्थान विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (RVUNL) की तकनीकी और प्रशासनिक कार्यकुशलता के कारण प्रदेश ने बिजली उत्पादन के क्षेत्र में एक बहुत बड़ी छलांग लगाई है। ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने जानकारी दी कि निगम की 23 बिजली उत्पादन इकाइयों ने एक अनूठा कीर्तिमान स्थापित किया है।
उन्होंने बताया कि राज्य की सभी 23 चालू इकाइयों ने एक साथ मिलकर एक ही दिन में कुल 7171 मेगावाट बिजली का लाइव उत्पादन किया। तकनीकी रूप से किसी भी थर्मल या पावर ग्रिड के लिए अपनी कुल स्थापित क्षमता का 94.6% उपयोग करना एक विश्व रिकॉर्ड की श्रेणी में आता है। इससे पहले मशीनों और तकनीकी खामियों के कारण उत्पादन की यह दर काफी कम दर्ज की जा रही थी।
ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा, "हमारा प्रयास सिर्फ एक दिन का रिकॉर्ड बनाना नहीं है, बल्कि इस उच्च क्षमता वाले उत्पादन में निरंतरता लाई जाएगी। सालभर के कुल संचयी उत्पादन में भी इस बार नया रिकॉर्ड बनाने की कोशिश की जा रही है।"
थर्मल पावर में रिकॉर्ड बनाने के साथ ही राजस्थान सरकार ने रिन्यूएबल एनर्जी (सौर और पवन ऊर्जा) के क्षेत्र में दुनिया के सबसे आधुनिक देशों के समकक्ष आने की तैयारी पूरी कर ली है। कैलिफोर्निया ऊर्जा आयोग और राजस्थान विद्युत नियामक आयोग (RERC) के अधिकारियों के बीच एक ऐतिहासिक सहमति पत्र (MoU) पर वर्चुअल हस्ताक्षर किए गए हैं।
इस वैश्विक साझेदारी पर बोलते हुए ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने कहा, "राजस्थान और कैलिफोर्निया भौगोलिक दृष्टि से भले ही एक-दूसरे से हजारों किलोमीटर दूर स्थित हैं, लेकिन दोनों ही राज्यों का साझा संकल्प और दूरदर्शी लक्ष्य बिल्कुल एक समान है। वह संकल्प है-स्वच्छ ऊर्जा का अधिकतम विस्तार करना और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक बेहतर व पूरी तरह सुरक्षित भविष्य का निर्माण करना। इस आपसी विधिक समझौते के माध्यम से दोनों देशों के ये दो अग्रणी राज्य एक-दूसरे के जमीनी अनुभवों, तकनीकी नवाचारों और विनियामक प्रणालियों से बहुत कुछ नया सीख सकेंगे।"
कैलिफोर्निया ने पिछले कुछ वर्षों में ग्रिड मॉडर्नाइजेशन और रिन्यूएबल इंटीग्रेशन के क्षेत्र में पूरी दुनिया में सबसे अनुकरणीय और बेहतरीन काम किया है। अब उसी सफल मॉडल और अनुभवों का सीधा लाभ राजस्थान के ऊर्जा क्षेत्र को नीतिगत और व्यावहारिक स्तर पर मिलने जा रहा है।
इस अंतरराष्ट्रीय तकनीकी आदान-प्रदान के मुख्य घटक निम्नलिखित तय किए गए हैं:
उन्नत बैटरी स्टोरेज सिस्टम (BESS): सौर और पवन ऊर्जा के साथ सबसे बड़ी समस्या यह होती है कि रात के समय या हवा न चलने पर उत्पादन रुक जाता है। कैलिफोर्निया की अत्याधुनिक बैटरी स्टोरेज तकनीक के आने से दिन में बनने वाली अतिरिक्त सौर ऊर्जा को स्टोर करके रात के पीक ऑवर्स में इस्तेमाल किया जा सकेगा।
स्मार्ट ग्रिड और मॉडर्न मीटरिंग: पूरे राजस्थान में पुराने ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड कर अत्याधुनिक स्मार्ट ग्रिड प्रणाली का विकास किया जाएगा, जिससे बिजली की लाइन लॉस (Line Loss) और चोरी की घटनाओं को न्यूनतम किया जा सकेगा।
इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को प्रोत्साहन: दोनों राज्य मिलकर ईवी चार्जिंग स्टेशनों के लिए एक अत्यधिक विश्वसनीय पावर नेटवर्क तैयार करने पर संयुक्त शोध और डेटा साझा करेंगे।