जयपुर

भजन लाल सरकार का बड़ा फैसला, नहीं माना तो कार्रवाई होगी

प्रदेश में भाजपा सरकार ने गठन के साथ ही कई बड़े फैसले लेकर जनता को चौंकाया है। लगातार प्रशासनिक ढांचे को सुधारने की दिशा में भी सीएम भजन लाल शर्मा काम कर रहे हैं। इसी कड़ी में एक बड़ा आदेश निकाला गया है। अगर इस आदेश की पालना नहीं हुई तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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Mar 03, 2024
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अलवर। प्रदेश में भाजपा सरकार ने गठन के साथ ही कई बड़े फैसले लेकर जनता को चौंकाया है। लगातार प्रशासनिक ढांचे को सुधारने की दिशा में भी सीएम भजन लाल शर्मा काम कर रहे हैं। इसी कड़ी में एक बड़ा आदेश निकाला गया है। अगर इस आदेश की पालना नहीं हुई तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

दरअसल, प्रदेश के नगरीय निकायों में लंबे समय से प्रतिनियुक्ति का खेल चल रहा है। इस खेले को खत्म करने की तैयारी सरकार ने शुरू कर दी है। डीएलबी निदेशक ने एक आदेश जारी कर ऐसे कार्मिकों को हटाने के आदेश दिए हैं, जिनकी नियमानुसार प्रतिनियुक्ति की समयावधि पूरी हो चुकी है। विभाग ने सभी निकायों से डेपुटेशन पर चल रहे कार्मिकों की सूचना भी मांगी है। साथ ही चेतावनी दी है कि अगर कार्मिकों को मूल विभाग के लिए कार्यमुक्त नहीं किया गया तो कार्रवाई के लिए तैयार रहें।

भ्रष्टाचार के लगते रहे हैं आरोप

दरअसल, निकायों में पुलिस, बिजली, पानी, पशुपालन सहित कई विभागों से कर्मचारी व इंजीनियर प्रतिनियुक्ति पर आते हैं। मगर समयावधि पूरी होने के बाद भी उन्हें हटाया नहीं जाता। कई कार्मिकों ने तो खुद को निकाय सर्विस में मर्ज भी करा लिया है। इन कर्मचारियों पर हमेशा से ही भ्रष्टाचार के आरोप भी लगते आए हैं। यही वजह है कि सरकार ने जीरो टोलरेंस की नीति के तहत यह आदेश दिया है।

चार साल की डेपुटेशन का प्रावधान

विभागों की आपसी सहमति के आधार पर कर्मचारियों और अधिकारियों को डेपुटेशन पर लिया जाता है। यह अधिकतम चार वर्ष की होती है। इसके बाद निकायों की अनुशंसा पर वित्त विभाग की स्वीकृति से डेपुटेशन को एक वर्ष या पांच वर्ष पूर्ण होने तक बढ़ाया जा सकता है। इसके बाद भी वित्त विभाग की स्वीकृति से डेपुटेशन को एक साल बढ़ाने का और प्रावधान है।

प्रतिनियुक्ति पर नहीं रख सकेंगे कार्मिक

निकायों को सख्ती ताकीद किया गया है कि बिना डीएलबी की अनुमति के किसी भी कार्मिक को डेपुटेशन पर नहीं रखा जाएगा। अभी तक निकाय संबंधित विभाग से अपने स्तर पर ही पत्राचार करके कार्मिक को प्रतिनियुक्ति पर रख लेते थे।

Published on:
03 Mar 2024 09:14 pm