
राजस्थान की भजनलाल शर्मा सरकार ने प्रदेश के स्वास्थ्य और महिला बाल विकास ढांचे की आशा सहयोगिनियों को रक्षाबंधन का वादा निभाते हुए बड़ी सौगात दी है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर राज्य सरकार ने प्रदेश की हजारों आशा सहयोगिनियों के मानदेय में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी देते हुए वित्तीय स्वीकृति जारी कर दी है। इस फैसले के बाद प्रदेश में कार्यरत आशा सहयोगिनियों को अब हर महीने 4,959 रुपये के बजाय 5,455 रुपये मानदेय दिया जाएगा। राज्य सरकार के इस निर्णय से प्रदेश भर की ग्रामीण व शहरी स्वास्थ्य सेवाओं में जुटी आशा सहयोगिनियों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी आधिकारिक आदेशों के अनुसार, यह बढ़ा हुआ मानदेय 1 अक्टूबर 2026 से प्रभावी माना जाएगा। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रक्षाबंधन के पावन पर्व पर प्रदेश की आशा सहयोगिनी बहनों से मानदेय बढ़ाने का वादा किया था। त्यौहार के अवसर पर दिए गए इस आश्वासन को कुछ ही हफ्तों में प्रशासनिक स्वीकृति में तब्दील कर मुख्यमंत्री ने यह साफ संदेश दिया है कि सरकार जमीनी स्तर पर सेवा दे रही महिलाओं के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह गंभीर है।
राज्य सरकार की ओर से 26 अक्टूबर 2026 को जारी अधिसूचना के अनुसार, आशा सहयोगिनियों के मानदेय में की गई इस वृद्धि का पूरा ब्यौरा है:
पुराना मानदेय: 4,959 रुपये प्रतिमाह।
मानदेय में वृद्धि: 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी।
नया मानदेय: 5,455 रुपये प्रतिमाह।
लागू होने की तिथि: 1 अक्टूबर 2026 से देय होगा।
यानी अक्टूबर 2026 के महीने का भुगतान जब नवंबर में किया जाएगा, तो आशा सहयोगिनियों के बैंक खातों में बढ़ा हुआ मानदेय क्रेडिट होकर आएगा। इस बढ़ोतरी से राज्य के बजट पर अतिरिक्त वित्तीय भार आएगा, लेकिन सरकार ने इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक जरूरी निवेश माना है।
राजस्थान में इस वर्ष रक्षाबंधन के मौके पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश भर से आई आशा सहयोगिनी बहनों के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की थी। उस दौरान आशा सहयोगिनियों ने अपनी लंबे समय से चली आ रही मानदेय वृद्धि की मांग मुख्यमंत्री के सामने रखी थी।
मुख्यमंत्री ने बहनों के इस अनुरोध को बहुत आत्मीयता से सुना था और रक्षाबंधन के उपहार के रूप में मानदेय में शीघ्र सम्मानजनक बढ़ोतरी का वादा किया था। 26 अक्टूबर को देर शाम वित्तीय स्वीकृति जारी होने के साथ ही यह वादा पूरा हो गया, जिससे प्रदेश की आशा कार्यकर्ताओं में भारी खुशी और संतोष का माहौल है।
राजस्थान के दूरदराज के गांवों, ढाणियों और शहरी कच्ची बस्तियों में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को घर-घर तक पहुंचाने में आशा सहयोगिनियों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। गर्भवती महिलाओं का नियमित पंजीकरण, टीकाकरण अभियान, संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देना और नवजात शिशुओं की देखभाल जैसे कठिन कार्यों को आशा सहयोगिनियां दिन-रात मुस्तैदी से करती हैं।
मानदेय में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी होने से इन महिलाओं को न केवल आर्थिक रूप से राहत मिलेगी, बल्कि उनके काम के प्रति मनोबल और प्रोत्साहन में भी बड़ा इजाफा होगा। ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य योजनाओं को शत-प्रतिशत धरातल पर उतारने के लिए सरकार का यह कदम दूरगामी सिद्ध होगा।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने अपने बजट भाषण और संकल्प पत्र में महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण को प्राथमिकता देने की बात कही थी। इससे पहले भी लखपति दीदी योजना, आंगनवाड़ी मानदेय और महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए कई बड़े निर्णय लिए जा चुके हैं।
सरकार के प्रवक्ताओं का कहना है कि महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाना और उनकी मेहनत का सही मूल्य देना राज्य सरकार की प्राथमिकता में शामिल है। आशा सहयोगिनियों के मानदेय में 10 फीसदी की यह वृद्धि उसी प्रतिबद्धता का एक प्रत्यक्ष उदाहरण है, जिससे प्रदेश की हजारों परिवारों की स्थिति में सकारात्मक बदलाव आएगा।