Rajasthan Congress Politics : उधर गहलोत-पायलट सुलह की कोशिशें, यहां भरी मीटिंग भिड़ गए डोटासरा-पारीक, जमकर चली 'तू-तू मैं-मैं'
जयपुर।
राजस्थान कांग्रेस में लगता है कुछ अच्छा नहीं चल रहा है। नेताओं के बीच आपसी खींचतान ख़त्म होने का नाम नहीं ले रही है। आलाकमान जहां गहलोत-पायलट गतिरोध दूर करने की मशक्कत कर रहा है वहीं इस बीच पार्टी के ही दो और सीनियर नेताओं के बीच तल्खी एक भरी मीटिंग में खुलकर सामने आ गई है। ताज़ा वाक्या सीकर ज़िले का है जहां सरकारी अफसरों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक में पूर्व मंत्री व पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा और पूर्व मंत्री व् वरिष्ठ विधायक राजेंद्र पारीक आपस में भिड़ गए।
डोटासरा-पारीक में 'हॉट टॉक्स'
सीकर कलेक्ट्रेट में एक चलती बैठक के दौरान डोटासरा और पारीक बुरी तरह से भिड़ गए। दो सीनियर नेतायों के बीच अचानक शुरू हुई 'हॉट टॉक्स' सामने देखकर वहां बैठा हर कोई सन्न रह गया।
मंत्री रावत ने किया बीच बचाव
डोटासरा और पारीक जब आपस में भिड़ रहे थे, तब गहलोत सरकार में उद्योग मंत्री शकुंतला रावत भी वहीं मौजूद थीं। उन्होंने ही दोनों नेताओं के बीच बीचज-बचाव किया। रावत ने नाराज़गी जताते हुए आप दोनों वरिष्ठ नेता हैं, इस तरह की बातें शोभा नहीं देतीं।' मंत्री रावत हस्तक्षेप के बाद दोनों नेता शांत हुए।
'जलभराव' पर हुआ टकराव
जानकारी के अनुसार दोनों नेताओं के बीच नोंक झोंक तब शुरू हुई जब मीटिंग में नवलगढ़ पुलिया में जलभराव के मुद्दे पर चर्चा हो रही थी। डोटासरा अधिकारियों पर काम नहीं करने का लगाया आरोप लगाते हुए उनकी खिंचाई कर रहे थे। इसी बीच सीकर विधायक राजेंद्र पारीक ने अफसरों के बचाव में दखल दिया। यहीं से दोनों नेताओं के बीच बहस शुरू हो गई।
वायरल होने लगा वीडियो
भरी मीटिंग में कांग्रेस के दो सीनियर नेताओं की भिड़ंत का वीडियो भी सामने आया है, जो अब सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।
कांग्रेस में अंतर्विरोध चरम पर, नेताओं को कुर्सी बचाने से मतलब
सीकर में मीटिंग के दौरान कांग्रेस नेताओं के आपस में तकरार को लेकर भाजपा नेता चुटकी लेकर निशाना साधने लगे हैं। राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ ने ट्वीट करते हुए कहा है कि एक तरफ दिल्ली में कांग्रेस हाईकमान गहलोत-पायलट के बीच सुलह कराने की कोशिश कर रहा है, इधर डोटासरा-पारीक के बीच कलह से साबित हो गया है कि कांग्रेस में अंतर्विरोध चरम पर है, इनके नेताओं को सिर्फ अपनी कुर्सी बचाने से मतलब है, ना कि जनता से जुड़े विकास के मुद्दों से।
राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने जिस प्रकार सार्वजनिक रूप से अपनी ही पार्टी के वरिष्ठ विधायक एवं राजस्थान विधानसभा में सभापति राजेन्द्र पारीक के साथ दुर्व्यवहार किया है वो दुर्भाग्यपूर्ण है। कांग्रेस की पाठशाला में वरिष्ठ नेताओं का अपमान करना ही सिखाया जाता है। अनुशासनहीनता, गुटबाजी, अंतर्कलह, अपमान की राजनीति ही कांग्रेस की असली पहचान है।
राठौड़ ने कहा कि पीसीसी अध्यक्ष को ये वहम नहीं होना चाहिए कि सरकार 4 महीने बाद जिंदा रहेंगी। वरिष्ठ विधायक राजेन्द्र पारीक को भी ये वहम नहीं होना चाहिये कि वो ही गहलोत जी के खास है। आज की बैठक में खास और आम में फर्क साफ दिख रहा है।
राठौड़ ने कहा कि कुछ दिन पूर्व अजमेर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच जमकर लात घूंसे चले थे। कांग्रेस में सिर फुटव्वल की स्थिति है। अब आगामी समय में सुरक्षा कवच और पुलिस के कड़े पहरे के बिना कांग्रेस की मीटिंग संभव ही नहीं है।